Festival Posters

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

ऑपरेशन सिंदूर हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक' साल के आखिरी मन की बात में बोले PM मोदी

Advertiesment
हमें फॉलो करें Live news in Hindi

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

नई दिल्ली , रविवार, 28 दिसंबर 2025 (10:04 IST)
Breaking News live in hindi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का रविवार को 129वां एपिसोड है। यह इस साल का आखिरी एपिसोड भी है। पीएम आज देश की साल 2025 की उपब्लियों, संघर्षों की चर्चा कर सकते हैं। साथ ही नए साल 2026 की चुनौतियों, संभावनाओं, डेवलपमेंट पर भी चर्चा कर सकते हैं। मन की बात का ताजा अपडेट्‍स-

उन्होंने कहा- 2025 ने हमें ऐसे कई पल दिए जिन पर हर भारतीय को गर्व हुआ। देश की सुरक्षा से लेकर खेल के मैदान तक, विज्ञान की प्रयोगशालाओं से लेकर दुनिया के बड़े मंचों तक, भारत ने हर जगह अपनी मजबूत छाप छोड़ी।

PM मोदी ने मन की बात में कहा- ऑपरेशन सिंदूर बना देश का गर्व। मोदी ने मन की बात में कहा- 'जहां चाह, वहां राह'...इस कहावत को सच कर दिखाया है मणिपुर के एक युवा मोइरांगथेम सेठ जी ने। उनकी उम्र 40 साल से भी कम है। श्रीमान मोइरांगथेम जी मणिपुर के जिस दूर-सुदूर क्षेत्र में रहते थे वहां बिजली की बड़ी समस्या थी। इस चुनौती से निपटने के लिए उन्होंने Local Solution पर जोर दिया और उन्हें ये Solution मिला Solar Power में। 'Smart India Hackathon 2025' का समापन इसी महीने हुआ है।

इस Hackathon के दौरान 80 से अधिक सरकारी विभागों की 270 से ज्यादा समस्याओं पर students ने काम किया। Students ने ऐसे solution दिए, जो real life challenges से जुड़े थे। Geetanjali IISc... यह अब सिर्फ एक Class नहीं, Campus का सांस्कृतिक केंद्र है। यहां हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत है, लोक परंपराएं हैं, शास्त्रीय विधाएं हैं, छात्र यहां साथ बैठकर रियाज करते हैं। Professor साथ बैठते हैं, उनके परिवार भी जुड़ते हैं।

दुबई में रहने वाले कन्नड़ा परिवारों ने खुद से एक जरूरी सवाल पूछा - हमारे बच्चे Tech-World में आगे तो बढ़ रहे हैं, लेकिन कहीं वो अपनी भाषा से दूर तो नहीं हो रहे हैं? यहीं से जन्म हुआ 'कन्नड़ा पाठशाले' का... एक ऐसा प्रयास, जहां बच्चों को 'कन्नड़ा' पढ़ना, सीखना, लिखना और बोलना सिखाया जाता है।

पीएम मोदी ने कहा कि ओडिशा की पार्वती गिरि जी... जनवरी 2026 में उनकी जन्म-शताब्दी मनाई जाएगी। उन्होंने 16 वर्ष की आयु में 'भारत छोड़ो आंदोलन' में हिस्सा लिया था। आजादी के आंदोलन के बाद पार्वती गिरि जी ने अपना जीवन समाज सेवा और जनजातीय कल्याण को समर्पित कर दिया था। उन्होंने कई अनाथालयों की स्थापना की। उनका प्रेरक जीवन हर पीढ़ी का मार्गदर्शन करता रहेगा। Fiji में भारतीय भाषा और संस्कृति के प्रसार के लिए एक सराहनीय पहल हो रही है। वहां की नई पीढ़ी को तमिल भाषा से जोड़ने के लिए कई स्तरों पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

Pakistan : 11 एयरबेस नष्ट, 100 से ज्यादा सैनिकों की मौत, बंकरों में छुपी सेना, कैसे भारतीय मिसाइलों और ड्रोन हमलों से पाकिस्तान में मची थी तबाही