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77 साल बाद सेवा तीर्थ में शिफ्ट होगा PMO, यहां से हुए हैं 5 ऐतिहासिक फैसले

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Seva Teerth
करीब 77 साल बाद पीएमओ साउथ ब्लॉक से हटकर अब नई इमारत सेवा तीर्थ में शिफ्ट होने जा रहा है। अब तक पीएमओ साउथ ब्लॉक से संचालित होता रहा है। अब यह सेवा तीर्थ में होगा। अब तक यहां आजादी के बाद सारे प्रधानमंत्रियों ने अपना कार्यकाल पूरा किया है। कई फैसले यहां से लिए गए। अब यह जगह बदल जाएगी।

हाल ही के सालों की बात करें तो बता दें कि साउथ ब्लॉक से नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयरस्ट्राइक और ब्लैक मनी SIT जैसे कई बड़े फैसले लिए गए थे। बता दें कि आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक छोड़कर नई इमारत सेवा तीर्थ में स्थानांतरित हो रहा है। साउथ ब्लॉक से सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक जैसे अहम सैन्य ऑपरेशनों की निगरानी और मंजूरी दी गई थी।

आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अपने ऐतिहासिक ठिकाने साउथ ब्लॉक को छोड़कर शुक्रवार को नई इमारत ‘सेवा तीर्थ' में शिफ्ट होने जा रहा है। 1947 से आज तक यहीं से देश के सभी प्रधानमंत्रियों ने काम किया और ऐसे अनगिनत फैसले लिए जिन्होंने भारत की दिशा और दशा बदल दी। साउथ ब्लॉक में पीएमओ के साथ विदेश और रक्षा मंत्रालयों के दफ्तर भी मौजूद रहे। यानी भारत की राजनीति, कूटनीति और सुरक्षा के बड़े फैसलों का यही केंद्र रहा।

ये पांच ऐतिहासिक फैसले लिए गए थे साउथ ब्लॉक से
नोटबंदी- काले धन पर सबसे बड़ी चोट (2016) :
8 नवंबर 2016 की रात 8 बजे पीएम मोदी ने साउथ ब्लॉक से राष्ट्र को संबोधित करते हुए ₹500 और ₹1000 के पुराने नोटों को अमान्य घोषित कर दिया। यह फैसला टेरर फंडिंग रोकने, काले धन पर चोट करने और नकली नोट समाप्त करने के उद्देश्य से लिया गया था। इसके बाद ही ₹500 और ₹2000 के नोट बाजार में आए और भारत की आर्थिक व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव आया।

सर्जिकल स्ट्राइक- भारत की सैन्य नीति का नया रूप (2016) : उड़ी हमले में 19 जवानों के शहीद होने के बाद 29 सितंबर 2016 को भारत ने पहली बार LOC पार कर सर्जिकल स्ट्राइक को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया। साउथ ब्लॉक के वॉर रूम से पीएम मोदी ने इस ऑपरेशन की निगरानी की और सेना को मंजूरी दी। यह कार्रवाई भारत की सुरक्षा नीति में निर्णायक मोड़ साबित हुई।

बालाकोट एयरस्ट्राइक- सीमा पार अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई (2019) : पुलवामा हमले के 12 दिन बाद 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। ऑपरेशन का संपूर्ण प्लान और मॉनिटरिंग साउथ ब्लॉक से ही हुई। यह भारतीय वायुसेना का अब तक का सबसे बड़ा सीमा‑पार हमला माना जाता है।

किसान सम्मान निधि की किश्त जारी- तीसरी बार PM बनने के बाद पहला फैसला (2024) : तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पीएम मोदी सीधे साउथ ब्लॉक पहुंचे और वहीं से किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी की। यह किसानों के प्रति सरकार की प्राथमिकता का स्पष्ट संदेश था।

काले धन पर SIT- पहली कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा निर्णय (2014) : 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक साउथ ब्लॉक में हुई और यहीं से ब्लैक मनी SIT बनाने का फैसला हुआ.। यह काले धन की जांच को संस्थागत रूप देने वाला पहला बड़ा कदम था।
Edited By: Naveen R Rangiyal

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