पेट्रोल-डीजल में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी के बाद माल-भाड़ा में 20-25% बढ़ोत्तरी की तैयारी, बस किराया बढ़ाने की भी मांग
डीजल के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी के बाद अब पड़ेगी महंगाई की मार
Publish Date: Tue, 26 May 2026 (14:55 IST)
Updated Date: Tue, 26 May 2026 (15:51 IST)
पेट्रोल-डीजल के दामों में रिकार्ड बढ़ोत्तरी के बाद अब आम आदमी पर महंगाई की बड़ी मार पड़ने जा रही है। डीजल के दामो्ं में लगातार बढ़ोत्तरी के बाद अब ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने माल भाड़ा में बड़ी बढ़ोत्तरी की तैयारी कर ली है वहीं वहीं दूसरी ओर बस ऑपरेटरों ने यात्री बसों के किराए में बढ़ोत्तरी की मांग फिर तेज कर दी है और मांग नहीं माने जाने पर हड़ताल की चेतावनी दी है।
माल भाड़ा में 20-25% बढ़ोत्तरी की तैयारी-पिछले 10 दिनों में डीजल के दामों मे रिकार्ड बढ़ोत्तरी के बाद अब माल भाड़ा में 20 से 25 फीसदी बढ़ोत्तरी की तैयारी ट्रांसपोटर्स ने कर ली है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि वर्तमान भाड़ों में चरणबद्ध तरीके से 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि करें। इसको लेकर अपील जारी करने वाले सीएल मुकाती वेबदुनिया से बातचीत में कहते है कि देश में लगातार चौथी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ चुके हैं और आगे भी बढ़ने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में अब माल भाड़ा में बढ़ोत्तरी के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
वह कहते है कि वाहन संचालन में उपयोग होने वाला DEF (यूरिया) और लुब्रिकेंट के दाम दोगुने हो चुके है। वहीं टायर, पार्ट्स, ऑयल, ग्रीस, यूरो-6 टेक्नोलॉजी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं सेंसर, टोल टैक्स तथा अन्य सभी खर्चे मिडिल ईस्ट की परिस्थितियों के कारण लगातार महंगे होते जा रहे हैं। आज परिवहन उद्योग की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो चुकी है।पहले से ही 30 से 40 फीसदी तक वाहन खाली खड़े हैं। बढ़ती लागत के कारण व्यापार में बचत समाप्त होती जा रही है और घाटा लगातार बढ़ रहा है। आज ट्रक मालिकों को EMI, बीमा, परमिट, टैक्स एवं चालक-परिचालकों का वेतन देना भी कठिन होता जा रहा है। यदि यही हालात रहे तो हजारों ट्रांसपोर्टरों एवं वाहन मालिकों के बैंक खाते NPA हो जाएंगे और वाहन कर्ज के बोझ तले दब जाएंगे।
सरकार से वैट कम करने की मांग- ट्रांसपोर्ट कारोबारी सी.एल. मुकाती कहते हैम कि मध्यप्रदेश में डीजल और पेट्रोल पर कई राज्यों की तुलना में अधिक वैट और सेस लगाया जा रहा है। इसका सीधा असर परिवहन व्यवसाय पर पड़ रहा है। मध्यप्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए वैट, अतिरिक्त कर और अन्य सेस में कमी की जाए, जिससे जनता को फौरी राहत मिल सके।
माल भाड़ा बढ़ने से सब कुछ होगा महंगा-माल-भाड़ा बढोत्तरी का असर सिर्फ सिर्फ ट्रांसपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बाजार, व्यापार, कृषि और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी पड़ेगा। पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर हर व्यक्ति पर पड़ता है। ट्रक भाड़ा और जरूरी सामान की ढुलाई महंगी हो जाती है। इसका सीधा असर बाजार में चीजों के दाम बढ़ने के रूप में दिखाई देता है। दरअसल, किसान भी इससे प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि खेती में उपयोग होने वाले वाहन और मशीनें डीजल पर ही चलती हैं। ऐसे में खेती की लागत भी बढ़ती जा रही है।
महंगा होगा सफर, बस किराएं में बढ़ोत्तरी की मांग!-पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बाद यात्री बस के किराए की मांग तेज हो गई है। मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन ने डीजलों की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोत्तरी के बाद सरकार से स्टेज कैरिज यात्री बसों का किराया बढ़ाने की मांग की है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो वें बसें बंद करने को मजबूर होंगे।
एसोसिएशन ने किराया बढ़ाने की मांग को लेकर जिला स्तर पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी के बाद बस संचालन के क्षेत्र में आ रही परेशानियों व परिस्थितियों का जिक्र करते हुए किराए में वृद्धि की मांग की गई है। गौरतलब है कि मप्र बस ऑनर्स एसोसिएशन प्रदेश में करीब 18 हजार यात्री बसें संचालित करता हैं। गौरतलब है कि बस ऑनर्स एसोसिएशन लंबे समय से किराए में बढ़ोतरी की मांग कर रहा है लेकिन अब तक उनकी मांगें स्वीकार नहीं हुई है।