Ajit Pawar plane crash Baramati : 'ट्रैफिक जाम' ने तय किया जिंदगी और मौत का फासला, ब्रेसलेट बना आखिरी पहचान, 5 सपनों की दर्दनाक मौत
अजित पवार के भयानक विमान हादसे की कहानी
कभी-कभी जिंदगी और मौत के बीच का फासला सिर्फ चंद मिनटों का 'ट्रैफिक जाम' तय कर देता है। महाराष्ट्र के बारामती में हुए उस भयानक विमान हादसे की कहानी अब सिसकियों और आंसुओं के बीच बाहर आ रही है। इसने न सिर्फ महाराष्ट्र की सियासत को झकझोर दिया, बल्कि 5 परिवारों के चिराग हमेशा के लिए बुझा दिए।
दिल्ली के रहने वाले कैप्टन सुमित कपूर का गुरुवार को जब अंतिम संस्कार हुआ, तो श्मशान घाट पर मौजूद हर आंख नम थी। सुमित कुछ ही दिन पहले हॉन्ग-कॉन्ग से लौटे थे, शायद अपनों के साथ कुछ पल बिताने। लेकिन किसे पता था कि दिल्ली की सड़कों का एक मामूली ट्रैफिक जाम उनके लिए काल का बुलावा बन जाएगा।
एक ब्रेसलेट, जो आखिरी पहचान बन गया
शायद यकीन करना मुश्किल है। उस बदनसीब विमान को किसी और कैप्टन को उड़ाना था, लेकिन उनके जाम में फंसने की वजह से ऐन वक्त पर जिम्मेदारी सुमित को सौंपी गई। हादसा इतना खौफनाक था कि सुमित के जिगरी दोस्त सचिन तनेजा को उनकी पहचान हाथ में पहने एक 'ब्रेसलेट' से करनी पड़ी। एक हंसता-खेलता इंसान, जो चंद घंटों पहले आसमान नापने निकला था, वह राख की ढेरी बनकर लौटा। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक कैप्टन सुमित कपूर हादसे से कुछ दिन पहले ही हॉन्गकॉन्ग से लौटे थे। कैप्टन सुमित के दोस्तों का कहना है कि हादसे से कुछ घंटों पहले ही सुमित को यह असाइनमेंट मिला था।
अधूरे रह गए सपने, उजड़ गए सुहाग
यह सिर्फ एक राजनेता का विमान हादसा नहीं था, यह पांच सपनों की दर्दनाक मौत थी। अजित पवार- महाराष्ट्र की राजनीति का वह दिग्गज चेहरा, जिनका सफर बारामती की मिट्टी में यूं थम जाएगा, किसी ने सोचा न था। कैप्टन सुमित कपूर- जो अपनी ड्यूटी निभाने के लिए मौत के असाइनमेंट पर चल दिए। को-पायलट शांभवी पाठक- जिनके भविष्य की उड़ान अभी शुरू ही हुई थी। पिंकी माली (फ्लाइट अटेंडेंट)- जिनकी मुस्कुराहट अब सिर्फ तस्वीरों में कैद है। विदिप जाधव (सुरक्षा गार्ड)- जो आखिरी सांस तक अपने नेता की सुरक्षा में तैनात रहे। Edited by : Sudhir Sharma