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क्या सुसाइड बॉम्बर था पायलट सुमित कपूर? अमोल मिटकरी के सनसनीखेज दावों से अजित पवार की मौत का रहस्य और गहराया

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Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar death mystery: महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की विमान हादसे में हुई मृत्यु के मामले ने अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। विधायक रोहित पवार के बाद अब एनसीपी (अजीत पवार गुट) के विधायक अमोल मिटकरी ने इस घटना की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या से करते हुए पायलट पर 'सुसाइड बॉम्बर' होने का संदेह जताया है। ब्लैक बॉक्स और सीसीटीवी फुटेज को लेकर उनके द्वारा उठाए गए सवालों ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है।

मिटकरी ने उठाए पायलट पर सवाल

एक सार्वजनिक कार्यक्रम में अमोल मिटकरी ने सीधे तौर पर 'वीएसआर वेंचर्स' के पायलट सुमित कपूर की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या यह एक आत्मघाती हमला था? ‘स्टेट्समैन न्यूज सर्विस’ के मुताबिक मिटकरी ने उन दो मूल पायलटों कैप्टन साहिल मदान और कैप्टन यश की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए, जिन्हें पहले यह विमान उड़ाना था।  ALSO READ: बारामती प्लेन क्रैश में बड़ी साजिश? MLA रोहित पवार का आरोप, विमान में रखे थे पेट्रोल के कैन

इन सवालों के कौन देगा जवाब?

एनसीपी नेता मिटकरी यहीं नहीं रुके। उन्होंने सवाल किया कि क्या अजीत पवार को ले जाने वाले पायलट सुमित कपूर एक आत्मघाती हमलावर थे? क्या पवार की हत्या भी उसी तरह की गई जैसे लिट्‍टे ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हुई थी? उन्होंने यह भी कहा कि पवार की मौत पर महाराष्ट्र इतना शांत और खामोश क्यों है? अजीत पवार एक ऐसे व्यक्ति थे जो शिवाजी महाराज के आदर्शों का पालन करते थे। 

क्या कहा था रोहित पवार ने?

वहीं, दूसरी ओर रोहित पवार ने इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच के फैसले को समय की बर्बादी बताते हुए सीआईडी (CID) जांच की मांग की है। उनका दावा है कि हादसे से जुड़ी 70 प्रतिशत जानकारी अभी भी छिपाई जा रही है। रोहित पहले भी इस मामले में सवाल उठा चुके हैं। 
 
इससे पहले भी एनसीपी-एसपी के विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने आरोप लगाया था कि चार्टर ऑपरेटर 'वीएसआर वेंचर्स' को केंद्र और राज्य की सत्ताधारी पार्टियों के रसूखदार नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। नियम के मुताबिक कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की क्षमता 2 घंटे होनी चाहिए, लेकिन इस विमान में यह केवल 30 मिनट की थी। रोहित ने सवाल उठाया कि ऐसे विमान को DGCA ने रजिस्ट्रेशन कैसे दिया? 
 
इतना ही नहीं रोहित ने दावा किया था कि दुर्घटना के समय एक नहीं, बल्कि कई धमाके हुए। यह तकनीकी खराबी थी या कुछ और? रोहित का सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि विमान के लगेज सेक्शन में अतिरिक्त पेट्रोल के कैन रखे गए थे, जिसकी वजह से भीषण आग लगी। उन्होंने कहा कि विमान कंपनी को प्रभावशाली लोगों का समर्थन प्राप्त है, जिनमें से कुछ राज्य सरकारों में हैं और कुछ राष्ट्रीय स्तर पर सत्ताधारी दल से जुड़े हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

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