Publish Date: Tue, 10 Feb 2026 (18:09 IST)
Updated Date: Tue, 10 Feb 2026 (18:50 IST)
akhilesh yadav attack bjp: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में केंद्र की भाजपा सरकार की विदेश नीति और आर्थिक फैसलों पर बड़ा हमला बोला है। अमेरिका के साथ हुए व्यापारिक समझौतों और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर सवाल उठाते हुए सपा नेता ने कहा कि यह 'डील नहीं बल्कि ढील' है। उन्होंने रुपए की गिरती कीमत और देश की आत्मनिर्भरता को लेकर सरकार को घेरते हुए एक नया गणित पेश किया। उन्होंने पूछा कि जनता जानना चाहती है— '0 बड़ा है या 18'?
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा का पक्ष है कि हमने दुनिया में बहुत देशों से FTA कर लिया है। उन्होंने तंज करते हुए सरकार से सवाल किया कि यह भी बता दें कि अब दुनिया में कितने देश बचे हैं जिनसे हम एफटीए नहीं कर पाए हैं। यदि यही डील होनी थी तो 11 महीने किस बात का इंतजार करवाया गया। हमारे कारोबारियों को क्यों इतनी परेशानी झेलनी पड़ी?
डील पहले बनी या बजट?
बजट पर अखिलेश ने कहा कि सबसे पहला सवाल यह है कि डील पहले बनी या बजट? बजट का हलवा यहां ज्यादा बंटा कि वहां? उन्होंने कहा कि स्वदेशी और आत्मनिर्भर शब्द बहुत अच्छे लगते हैं, क्या आत्मनिर्भर और स्वदेशी शब्द को शब्दकोश से हटा दिया गया है। पूरा देश समझ रहा है कि हमने हमारा देश एक बार फिर खोल दिया है।
सपा मुखिया ने याद दिलाया कि जो लोग कभी रुपए की तुलना उम्र से करते थे, आज वे FTA के जाल में रुपए को कहां से कहां ले जाएंगे? 500 बिलियन डॉलर के व्यापार लक्ष्य को उन्होंने एकतरफा करार देते हुए स्वदेशी के नारे पर सवाल उठाया। उन्होंने सवाल किया कि हमारी आत्मनिर्भरता कहां जाएगी?
किसने की थी रुपए की तुलना मनमोहन की उम्र से?
तत्कालीन मनमोहन सिंह की उम्र से रुपए की गिरावट की तुलना नरेंद्र मोदी ने की थी। जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे और 2014 के आम चुनावों के लिए प्रचार कर रहे थे। उस समय उन्होंने प्रधानमंत्री सिंह पर निशाना साधते हुए यह टिप्पणी की थी। तंज कसते हुए उन्होंने कहा था कि रुपए की कीमत गिरते-गिरते उस स्तर पर पहुंच गई है जो तत्कालीन प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) की उम्र है।
उन्होंने अक्सर चुनावी रैलियों में पूछा था कि रुपए की गिरती साख किसकी उम्र को दर्शा रही है— प्रधानमंत्री की या वित्त मंत्री की? कांग्रेस और विपक्षी नेता जैसे मल्लिकार्जुन खड़गे और जयराम रमेश अक्सर प्रधानमंत्री मोदी के उसी पुराने बयान को याद दिलाकर उन पर निशाना साधते हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala