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PoK में ढेर हुआ भारत का एक और दुश्मन, पुलवामा हमले का मास्टर माइंड बुरहान हमजा मारा गया

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Arjmand Gulzar Dar
भारत के खिलाफ सीमा पार से आतंकी साजिशें रचने वाले पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को एक और बड़ा झटका लगा है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'अल बद्र' (Al-Badr) के टॉप कमांडर और सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल अरजमंद गुलजार उर्फ बुरहान हमजा के पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मारे जाने की पुख्ता खबर सामने आ रही है। वह पुलवामा हमले का भी मास्टरमाइंड था।
 

कौन था आतंकी बुरहान हमजा?

मूल निवासी: अरजमंद गुलजार उर्फ बुरहान हमजा मूल रूप से दक्षिण कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित जिले पुलवामा का रहने वाला था।
 
7 साल से पाकिस्तान में सक्रिय: साल 2018-19 के आसपास वह भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर सीमा पार (पाकिस्तान) भाग गया था। पिछले 7 सालों से वह वहीं से बैठकर भारत विरोधी गतिविधियों को संचालित कर रहा था।
 
अल बद्र का मुख्य मोहरा: बुरहान हमजा को 'अल बद्र' आतंकी संगठन का शीर्ष रणनीतिकार और कमांडर माना जाता था। वह कश्मीर घाटी में नए युवाओं का ब्रेनवॉश करने, उन्हें हथियारों की ट्रेनिंग देने और घुसपैठ कराने का मुख्य जरिया था।
 

कैसे हुई मौत? 

शुरुआती खुफिया इनपुट्स और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुरहान हमजा की मौत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद या नियंत्रण रेखा (LoC) के पास स्थित किसी सेफ हाउस में हुई है।
 
इसकी मौत के पीछे दो मुख्य थ्योरी सामने आ रही हैं:
 
आपसी गुटबाजी : पाकिस्तान में बैठे विभिन्न आतंकी संगठनों (जैसे लश्कर, जैश और अल बद्र) के बीच फंड्स और वर्चस्व को लेकर चल रही आपसी गैंगवार।
 
अज्ञात हमलावर : पिछले कुछ समय से पाकिस्तान और PoK में भारत के दुश्मनों को चुन-चुनकर निशाना बनाने वाले 'अज्ञात हमलावरों' का खौफ है। माना जा रहा है कि हमजा भी इसी तरह की किसी टारगेट किलिंग का शिकार हुआ है।
 

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी क्यों?

बुरहान हमजा का खात्मा भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह कई बड़ी साजिशों का मास्टरमाइंड था:
 
पुलवामा और दक्षिण कश्मीर में नेटवर्क: पुलवामा का लोकल होने के कारण उसे घाटी के रास्तों और स्थानीय ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) की गहरी जानकारी थी। वह PoK में बैठकर कश्मीर में टारगेट किलिंग और आईईडी (IED) धमाकों की प्लानिंग करता था।
 
सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर: वह एनआईए (NIA) और जम्मू-कश्मीर पुलिस की हिट-लिस्ट में शीर्ष पर था। उसकी मौत से अल बद्र संगठन की कमर टूट गई है।
 

'अज्ञात हमलावरों' का बढ़ता ग्राफ

गौरतलब है कि पिछले दो-तीन सालों में पाकिस्तान और PoK के भीतर छिपे बैठे दर्जनों भारत विरोधी आतंकियों (जैसे लश्कर के अकरम गाजी, ख्वाजा शाहिद और हिज्बुल के बशीर अहमद पीर) की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्याएं हुई हैं। बुरहान हमजा का नाम अब इस लिस्ट में जुड़ने वाला नया नाम है। हालांकि, अभी तक इस मामले पर पाकिस्तानी सेना या खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
 
बड़ी बात: कश्मीर घाटी में आतंकवाद को पूरी तरह जड़ से खत्म करने के अभियान (Zero Tolerance Policy) के बीच, सीमा पार बैठे इस कमांडर का मारा जाना घाटी में शांति व्यवस्था को और मजबूत करेगा।
 

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