US Snow Storm : अमेरिका में बर्फीले तूफान से कोहराम मचा हुआ है। इस विंटर स्टार्म के कारण अमेरिका के 18 राज्यों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। लाखों घरों में बिजली गुल है, हजारों उड़ानें रद्द कर दी गई और स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। 21 करोड़ लोग सीधे खतरे का सामना कर रहे हैं। बर्फीले तूफान की वजह से अब तक 30 लोगों की मौत हो गई।
भयानक बर्फीले तूफान की चपेट में आने से अमेरिका के मेन में एक प्राइवेट जेट क्रैश हो गया। इस दर्दनाक हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई। भीषण तूफान के कारण एयर इंडिया ने न्यूयॉर्क और नेवार्क से आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं।
2000 मील तक फैले इस विनाशकारी तूफान से अमेरिका के मेन में बर्फीले तूफान की वजह से अमेरिका भयावह सर्दी की चपेट में है। मौसम विभाग के अनुसार, आर्कटिक हवा के नए प्रवाह से उन जगहों पर जमा देने वाली ठंड बनी रहेगी जो पहले से ही बर्फ से ढकी हुई है। स्नो स्टॉर्म प्रभावित राज्यों में स्टेट ऑफ इमरजेंसी घोषित कर दी गई है।
इन राज्यों में इमरजेंसी
अलबामा, अर्कांसस, डेलावेयर, जॉर्जिया, कंसास, केंटकी, लुइसियाना, मैरीलैंड, मिसिसिपी, मिसौरी, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क, नॉर्थ कैरोलिना, पेंसिल्वेनिया, साउथ कैरोलिना, टेनेसी, टेक्सास और वर्जिनिया में स्टेट ऑफ इमरजेंसी।
पोलर वर्टेक्स की वजह से आया बर्फीला तूफान
वैज्ञानिकों के अनुसार, पोलर वर्टेक्स के कारण उत्तरार्ध में तेज ठंडी हवा उत्तरी ध्रुव के आसपास फंस सी जाती है। लेकिन जब यह कमजोर पड़ती है तो अमेरिका के मुख्य क्षेत्र का रुख कर लेती है। जलवायु परिवर्तन के कारण आर्कटिक के कुछ हिस्सों में समुद्री बर्फ के पिघलने से यह स्थिति बनी।
दावा किया जा रहा है कि यह कोई मामूली बर्फबारी नहीं है बल्कि यह बर्फ, जमा देने वाली बारिश और आर्कटिक कोल्ड का वो जानलेवा मिश्रण है जो पूरे अमेरिका को ठप कर देगा। इस ठंड में सिर्फ 10 मिनट बाहर रहने पर फ्रॉस्टबाइट का खतरा है।
edited by : Nrapendra Gupta