Publish Date: Tue, 24 Feb 2026 (14:14 IST)
Updated Date: Tue, 24 Feb 2026 (14:18 IST)
Swami Avimukteshwaranand News: यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों में घिरे स्वामी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अब कानूनी सुरक्षा के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली है। झूंसी थाने में पॉक्सो एक्ट समेत संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज होने के बाद स्वामी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। इस याचिका पर जल्द सुनवाई होने की संभावना है, जो इस विवाद को एक नया मोड़ दे सकती है।
पुलिस ने तेज की जांच
दरअसल, तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी की अर्जी पर एडीजे (रेप एवं पॉक्सो स्पेशल कोर्ट) ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके अनुपालन में झूंसी पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस बीच, पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। रविवार को घटनास्थल का निरीक्षण कर 'नजरी नक्शा' तैयार किया गया। अब पुलिस की एक टीम वाराणसी स्थित मठ में पूछताछ के लिए जा सकती है और पीड़ित बच्चों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, यह साजिश है
क्यों विवाद में हैं अविमुक्तेश्वरानंद?
यह पहला मामला नहीं है जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद में आए हैं। माघ मेले के दौरान गंगा स्नान को लेकर भी उनका स्थानीय प्रशासन क साथ विवाद हुआ था। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के निधन के बाद उन्होंने खुद को उत्तराधिकारी घोषित किया था, जिसे कई अन्य संतों और अखाड़ों ने मान्यता नहीं दी थी। उस समय यह मामला कोर्ट भी पहुंचा था।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर के उद्घाटन समारोह पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने शास्त्र सम्मत विधि का हवाला देते हुए कहा था कि 'अधूरे मंदिर' में प्राण प्रतिष्ठा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इसे विशुद्ध रूप से धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन बताया था।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala