Publish Date: Mon, 16 Feb 2026 (15:14 IST)
Updated Date: Mon, 16 Feb 2026 (15:22 IST)
असम कांग्रेस के पूर्व प्रमुख भूपेन कुमार बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना त्यागपत्र भेजा। इससे असम की राजनीति गरमा गई।
पूर्व असम कांग्रेस अध्यक्ष बोरा राज्य में पार्टी के संयुक्त सचिव पंकज सैकिया की अनुचित टिप्पणी से नाराज थे। पार्टी ने इस मामले में सैकिया को नोटिस भी जारी किया था। बोरा पार्टी नेतृत्व द्वारा लगातार की जा रही अनदेखी पर भी नाराजगी जताई थी। उन्होंने कांग्रेस में सभी पदों के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया है।
कौन हैं भूपेन कुमार बोरा
भूपेन कुमार बोरा 2021 से 2025 ने राज्य में कांग्रेस की कमान संभाल चुके हैं। वे 2 बार विधायक भी रहे हैं। उनकी गिनती राज्य में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में होती है।
राहुल गांधी ने भूपेन बोरा को मनाया
असम के कांग्रेस इंचार्ज भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेन बोरा कांग्रेस परिवार के एक अहम सदस्य हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा था। कभी-कभी कांग्रेस परिवार में मतभेद हो जाते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। राहुल गांधी समेत पार्टी लीडरशिप ने उनसे लंबी बातचीत की। हमने बातचीत से इसे सुलझा लिया है। वह पिछले 30 सालों से कांग्रेस में थे। मैं भूपेन बोरा को अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए धन्यवाद देता हूं।
हिमंता बिस्वा सरमा ने भी दिया था ऑफर
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने असम कांग्रेस के पूर्व प्रमुख भूपेन कुमार बोरा के इस्तीफे पर कहा कि वे कांग्रेस पार्टी में बिना किसी पारिवारिक बैकग्राउंड वाले आखिरी हिंदू थे। भूपेन कुमार बोरा के इस्तीफे का एक सांकेतिक संदेश है कि कांग्रेस में आम परिवार का कोई भी व्यक्ति आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि मैं बोरा के इस्तीफे का स्वागत करता हूं। हालांकि, उन्होंने जॉइनिंग के लिए हमसे संपर्क नहीं किया है। कल शाम मैं शिष्टाचार के तौर पर उनके घर जाऊंगा। मैंने 3 साल पहले ही बता दिया था कि हम भूपेन कुमार बोरा का स्वागत करने के लिए तैयार हैं, हम उन्हें एक सुरक्षित सीट देने के लिए तैयार हैं।
edited by : Nrapendra Gupta