उल्लेखनीय है कि प्रयागराज में चल रह माघ मेले में कुछ दिन पहले गंगा में स्नान से रोकने के आरोपों के बीच मेला प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को नोटिस जारी किया है। नोटिस में उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया था कि वह ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य की उपाधि का इस्तेमाल किस आधार पर कर रहे हैं। ALSO READ: शंकराचार्य विवाद: क्या है पूरा मामला? जानिए वजह और पृष्ठभूमिमुझे विश्वास है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज एवं उत्तर प्रदेश सरकार के बीच कोई सकारात्मक समाधान निकल आएगा किंतु प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा शंकराचार्य होने का सबूत मांगना, यह प्रशासन ने अपनी मर्यादाओं एवं अधिकारों का उल्लंघन किया है, यह अधिकार तो सिर्फ शंकराचार्यों…
— Uma Bharti (@umasribharti) January 27, 2026