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Budget 2026: मध्यम वर्ग और छोटे करदाताओं की चांदी! टैक्स नियमों में हुए 5 बड़े बदलाव, जानें ITR से लेकर विदेश यात्रा तक क्या बदला?

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

नई दिल्ली , रविवार, 1 फ़रवरी 2026 (14:38 IST)
Budget 2026 Direct Tax Reforms: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में 'Ease of Living' (जीवन जीने की सुगमता) पर फोकस करते हुए प्रत्यक्ष करों में ऐतिहासिक सुधारों का ऐलान किया है। अब मोटर दुर्घटना में मिले मुआवजे के ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, वहीं विदेश यात्रा और बच्चों की पढ़ाई के लिए बाहर पैसे भेजना भी सस्ता हो गया है। सबसे बड़ी राहत ITR सुधारने की समय सीमा बढ़ाने और छोटे करदाताओं के लिए ऑटोमैटिक सर्टिफिकेट प्रक्रिया शुरू करने से मिली है। आइए जानते हैं बजट की वो 5 बड़ी बातें जो आपकी जेब पर सीधा असर डालेंगी।

मुआवजे पर टैक्स खत्म, विदेश यात्रा हुई सस्ती

अब मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से मिलने वाले ब्याज पर एक भी रुपया इनकम टैक्स नहीं कटेगा। इसके साथ ही, विदेश यात्रा (Tour Packages) पर लगने वाले TCS को 5 प्रतिशत और 20 फीसदी से घटाकर मात्र 2 प्रतिशत कर दिया गया है। शिक्षा और इलाज के लिए विदेश पैसे भेजने पर भी अब सिर्फ 2 फीसदी ही टैक्स लगेगा।

ITR सुधारने के लिए मिला 3 महीने का अतिरिक्त समय

अगर आपसे टैक्स रिटर्न (ITR) भरने में कोई गलती हो गई है तो अब घबराने की जरूरत नहीं है। एक मामूली शुल्क देकर आप रिटर्न को 31 मार्च तक संशोधित (Revise) कर सकते हैं। पहले यह समय सीमा केवल 31 दिसंबर तक थी।

छोटे करदाताओं के लिए 'ऑटोमैटिक' सुविधा

वित्त मंत्री सीतारमण ने घोषणा की है कि छोटे करदाताओं को अब कम टैक्स कटौती (Lower TDS) के प्रमाणपत्र के लिए अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने होंगे। इसके लिए एक नियम-आधारित स्वचालित (Automated) प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे घर बैठे ही सर्टिफिकेट मिल जाएगा।
 
ITR फाइलिंग की नई डेडलाइन : सरकार ने अलग-अलग करदाताओं के लिए समय-सीमा को आसान बनाया है। ITR-1 और ITR-2 : 31 जुलाई तक। गैर-ऑडिट व्यापार मामले : 31 अगस्त तक।

विदेशी संपत्ति का खुलासा करने का आखिरी मौका

अनिवासी भारतीयों (NRIs) और तकनीकी कर्मचारियों के लिए 6 महीने की 'विदेशी परिसंपत्ति प्रकटीकरण योजना' शुरू की गई है। 1 करोड़ रुपये तक की अघोषित संपत्ति पर 30% टैक्स और 30% जुर्माना देकर आप कानूनी कार्रवाई (Prosecution) से बच सकते हैं। वहीं, जिन्होंने टैक्स भरा है पर संपत्ति घोषित नहीं की, वे 1 लाख रुपए देकर मामला सुलझा सकते हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
 

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