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हवाई किराया क्यों नहीं कर सकते कंट्रोल, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने क्या बताई मजबूरी

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

नई दिल्ली , शुक्रवार, 12 दिसंबर 2025 (23:32 IST)
Airfare cap News : नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि देशभर में एयरफेयर पर कैप लगाना संभव नहीं है, क्योंकि डी-रेगुलेटेड (मुक्त) बाजार अंततः ग्राहकों के ही हित में होता है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान टिकटों की मांग बढ़ने से किराए में बढ़ोतरी स्वाभाविक है।  उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान खास रूट्स और विशेष समय पर मांग बढ़ जाती है। 
इसके चलते हवाई किराया बढ़ता है। यह मौसमी उतार-चढ़ाव है। किसी भी सेक्टर में पूरे साल किराये को स्थिर रखना संभव नहीं है। बाजार की मांग और आपूर्ति ही स्वाभाविक रूप से एयरफेयर को कंट्रोल करती है। उनके मुताबिक डी-रेगुलेशन का उद्देश्य ही इस सेक्टर को बढ़ावा देना था। जिन देशों में उड्डयन क्षेत्र ने तेजी से विकास किया है, वहां बाजार खुला रखा गया है।

इससे अधिक खिलाड़ी बाजार में आते हैं और प्रतिस्पर्धा बढ़ने से अंततः यात्री को फायदा मिलता है। मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि फेयर से फुरसत योजना के तहत देश के 25 रूटों पर हवाई किराया फिक्स है। उसका किराया नहीं बढ़ाया जा सकता है।  नायडू ने कहा कि  महाकुंभ के दौरान, पुलवामा हमले के दौरान और इंडिगो क्राइसिस के दौरान हमने अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्राइस कैपिंग की।
IndiGo संकट के दौरान टिकटों के दाम बढ़ने के मुद्दे पर पेश एक प्राइवेट मेम्बर बिल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि डी-रेगुलेशन की मूल भावना को बनाए रखना जरूरी है। नायडू ने कहा कि अगर हमें नागरिक उड्डयन क्षेत्र को बढ़ाना है तो सबसे जरूरी है कि इसे डी-रेगुलेटेड रखा जाए ताकि ज्यादा कंपनियां बाजार में प्रवेश कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही बाजार डी-रेगुलेटेड है, लेकिन Aircraft Act केंद्र सरकार को खास परिस्थितियों में हस्तक्षेप करने का अधिकार देता है- जैसे कि अत्यधिक किराया वसूलने जैसे मामलों में सरकार एयरफेयर कैप भी लगा सकती है। Edited by : Sudhir Sharma

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