Publish Date: Fri, 22 May 2026 (12:35 IST)
Updated Date: Fri, 22 May 2026 (12:41 IST)
भोपाल की हाईप्रोफाइल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले की जांच अब सीबीआई करेगी। शुक्रवार को राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया है। इस संबंध में राज्य शासन के गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य सरकार ने सीबीआई जांच के लिए अपनी सहमति दे दी है।
गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि दिनांक 12 मई 2026 को बाग मुगालिया एक्सटेंशन कटारा हिल्स भोपाल में घटित दहेज मृत्यु की घटना के संबंध में थाना कटारा हिल्स में अपराध क्रमांक 133/2026 धारा 80 (2), 85, 3 (5) भारतीय न्याय संहिता 2023 एवं धारा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 में पंजीबद्ध प्रकरण का अनुसंधान केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरों को हस्तांतरित करना प्रस्तावित किया गया है। इसके लिये दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम 1946 की धारा 6 में वर्णित शक्तियों का प्रयोग करते हुए मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस प्रकरण के अनुसंधान के प्रयोजन हेतु दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना के सदस्यों की शक्ति एवं क्षेत्राधिकार का विस्तार सम्पूर्ण मध्यप्रदेश राज्य में करने के संबंध में सहमति प्रदान की है। प्रकरण में संबंधित अपराध, अपराधों के दुष्प्रेरण तथा/अथवा षडयंत्र संबंधी अनुसंधान की सहमति भी दी है।
गौरतलब है कि बुधवार को ट्विशा शर्मा के परिजनों ने मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इस दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने ट्विशा के परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस प्रकरण में परिवार की पूरी सहायता करेगी।
समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई- वहीं ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। वहीं ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कराने को लेकर भी ट्विशा के परिवार ने हाईकोर्ट का रूख करेगी। भोपाल कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद भी गिरिबाला सिंह जांच में सहयोग नहीं कर रही है और पुलिस के नोटिस के बाद भी वह अपने बयान दर्ज कराने नहीं पहुंची है।
इसके साथ ही पूर्व जज गिरिबाला सिंह जो वर्तमान में मध्य प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने भोपाल-2 जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग की अध्यक्ष है,के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने राज्य आयोग के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इसके बाद गिरिबाला सिंह को पद से हटाए जाने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
वहीं ट्विशा शर्मा के परिजनों ने मीडिया से अपील की कि पीड़िता की छवि खराब करने वाले सवालों से बचा जाए और मामले की संवेदनशीलता को समझा जाए. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम और जांच प्रक्रिया में हुई देरी ने परिवार का दर्द और बढ़ाया है. परिवार ने यह भी कहा कि वे कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक जाएं।