Publish Date: Tue, 02 Jun 2026 (20:22 IST)
Updated Date: Tue, 02 Jun 2026 (20:48 IST)
सीबीएसई (CBSE) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम विवाद के बीच बोर्ड के चेयरमैन और सचिव के तबादले के बाद विपक्ष ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि सीबीएसई में हुई कथित अनियमितताओं की पूरी जिम्मेदारी शिक्षा मंत्रालय की है और इसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जवाबदेह हैं। पार्टी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विवादों में घिरी कंपनी COEMPT को ठेका धर्मेंद्र प्रधान और मोदी सरकार की निगरानी में दिया गया था। पार्टी ने कहा कि केवल अधिकारियों का तबादला कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने की मांग की।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर 'लीपापोती' करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को हटाया गया, लेकिन मंत्री को बचा लिया गया। यह जवाबदेही नहीं बल्कि मामले को दबाने की कोशिश है। राहुल गांधी ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री को 1.85 करोड़ सीबीएसई छात्रों की चिंता होती तो धर्मेंद्र प्रधान को काफी पहले ही पद से हटा दिया जाता।
हालांकि सीबीएसई और संबंधित कंपनी ने भ्रष्टाचार के आरोपों से इनकार किया है, जबकि केंद्र सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति की बैठक के तुरंत बाद सीबीएसई अधिकारियों का तबादला किया जाना इस बात का संकेत है कि मामले में अनियमितताएं हुई हैं। रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक नेतृत्व की जवाबदेही तय करने के बजाय नौकरशाहों पर जिम्मेदारी डालने का प्रयास कर रही है।
वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि इतने बड़े विवाद के बाद केवल सीबीएसई चेयरमैन और सचिव का तबादला करना पर्याप्त कार्रवाई नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह सजा है या अधिकारियों को संरक्षण देने की कोशिश।
क्या है CBSE OSM पोर्टल विवाद?
पिछले कुछ सप्ताहों से सोशल मीडिया पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों द्वारा सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं। यह मामला तब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया जब दो किशोरों ने सीबीएसई की ऑनलाइन प्रणाली में कथित खामियों को सार्वजनिक किया। Edited by : Sudhir Sharma
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