केंद्र सरकार ने ऑनलाइन मंचों विशेषकर सोशल मीडिया कंपनियों को आगाह किया कि यदि वे अश्लील, अभद्र, बाल यौन शोषण से जुड़ी और अन्य प्रकार की गैरकानूनी सामग्री पर कार्रवाई करने में विफल रहते हैं तो उन्हें कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी (Meity) ने ये एडवाइजरी सोमवार को जारी की थी।
मीडिया खबरों के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 29 दिसंबर 2025 को जारी परामर्श में सोशल मीडिया कंपनियों से अपने अनुपालन ढांचे की तत्काल समीक्षा करने और अपने मंच पर अश्लील एवं गैरकानूनी सामग्री के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही कहा कि ऐसा करने में विफल रहने पर उन्हें देश के कानून के तहत मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है। ये प्रावधान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करने की मांग करते हैं।
इसमें यह ध्यान रखने को कहा गया है कि यूजर ऐसी कोई भी जानकारी और कंटेंट होस्ट, डिस्प्ले, अपलोड, मॉडिफाई, पब्लिश, ट्रांसमिट, स्टोर, अपडेट या शेयर न करें जो अश्लील, पोर्नोग्राफिक, बच्चों के यौन शोषण से संबंधित, बच्चों के लिए हानिकारक, या गैर-कानूनी हो। Edited by: Sudhir Sharma