Publish Date: Tue, 26 May 2026 (11:57 IST)
Updated Date: Tue, 26 May 2026 (12:04 IST)
CNG Price Hike : पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के 24 घंटे बाद ही तेल कंपनियों ने मंगलवार को दिल्ली NCR में CNG की कीमतों में 2 रुपए की वृद्धि कर दी। ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि से आम लोगों को महंगाई बढ़ने का डर सता रहा है। इस बीच कांग्रेस ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि अपने अमीर दोस्तों के लिए वे जनता को लूट रहे हैं।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, जनता पर 'महंगाई मैन' मोदी का चाबुक फिर चला। CNG 2 रुपए महंगी कर दी गई। पिछले 12 दिन में CNG पर 6 रुपए बढ़ाए गए हैं। नरेंद्र मोदी अपने अमीर दोस्तों के लिए जनता को लूट रहे हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्रोल-डीजल, CNG के दाम बढ़ने पर कहा कि अगर ये दाम बढ़ रहे हैं तो इसका मतलब है कि मोदी जी इस पर ध्यान नहीं देना चाहते हैं और मूल्क को बर्बाद करना चाहते हैं और अगर महंगाई बढ़ाते जाएंगे और बेरोजगारी बढ़ते जाएगी, फैक्ट्रियां बंद हो जाएगी तो क्या होगा? ये एक तरफ महंगाई को बढ़ावा दे रहे हैं आज सभी वर्ग के लोग इस सरकार से नाराज हैं।
सीएनजी महंगी होने से क्या होगा?
सीएनजी के दाम बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और पर्यावरण पर पड़ता है। चूंकि सीएनजी को पेट्रोल और डीजल के मुकाबले एक किफायती और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प माना जाता है, इसलिए इसकी कीमतें बढ़ने से लोगों पर सीधा असर पड़ेगा।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कैब का किराया बढ़ेगा : ओला, उबर और लोकल ऑटो/टैक्सी चालक अपना मुनाफा बनाए रखने के लिए किराया बढ़ा सकते हैं। कई शहरों में सरकारी और प्राइवेट बसें सीएनजी पर चलती हैं। ईंधन महंगा होने से बसों का किराया भी बढ़ सकता है। इससे सार्वजनिक परिवहन से रोज सफर करने वाले नौकरीपेशा और आम लोगों का बजट बिगड़ सकता है।
माल ढुलाई महंगी : आजकल शहरों के भीतर सामान सप्लाई करने वाले ज्यादातर छोटे कमर्शियल वाहन (जैसे टाटा एस, महिंद्रा सुप्रो आदि) सीएनजी पर चलते हैं। जब सीएनजी के दाम बढ़ते हैं, तो माल ढुलाई की लागत बढ़ जाती है। इसका सीधा असर फल, सब्जियां, दूध और रोजमर्रा के राशन की कीमतों पर पड़ता है।
सीएनजी गाड़ियों का आकर्षण कम होगा : लोग पेट्रोल-डीजल की महंगी कीमतों से बचने के लिए सीएनजी कारें खरीदते हैं। अगर सीएनजी और पेट्रोल की कीमतों में अंतर कम हो जाता है, तो लोग सीएनजी कारों को खरीदने में कतराएंगे, क्योंकि सीएनजी किट लगवाने या सीएनजी वेरिएंट खरीदने की शुरुआती लागत ज्यादा होती है।
ईवी की मांग बढ़ेगी : सीएनजी के दाम बढ़ने से लोग एक और बेहतर विकल्प की तरफ सोचेंगे, जो कि इलेक्ट्रिक वाहन (EV) हैं। कार और थ्री-व्हीलर सेगमेंट में लोग सीएनजी की बजाय ईवी को ज्यादा प्राथमिकता देने लगेंगे।
edited by : Nrapendra Gupta
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