कांग्रेस के स्थापना दिवस पर आज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में झंडा फहराया। इस मौके पर मल्लिकार्जुन खरगे ने अपना संबोधन भी दिया। खरगे ने कहा कि जो लोग कहते हैं कांग्रेस खत्म हो गई है, उन्हें यह समझना चाहिए कि कांग्रेस की सत्ता कम हो सकती है, लेकिन उसकी रीढ़ आज भी सीधी है। दिग्विजय सिंह के आरएसएस पर दिए बयान के बाद कांग्रेस में भी खलबली मची है।
खरगे ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप भी लगाए। खरगे ने कहा कि कांग्रेस को खत्म करने की बात करने वालों को चुनौती दे दी। उन्होंने कहा कि हमें साथ मिलकर कांग्रेस की सोच और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना है। खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने कभी सत्ता के लिए सौदेबाजी नहीं की और न ही संविधान, धर्मनिरपेक्षता और गरीबों के अधिकारों से समझौता किया।
खरगे ने कहा कि आजादी के पहले ही कांग्रेस ने मौलिक अधिकारों का जो स्वरूप 1931 में बनाया था वो हमारे संविधान का हिस्सा बना, लेकिन आज संविधान और लोकतंत्र दोनों खतरे में है। खरगे ने कहा कि तब से 62 साल तक करोड़ों कांग्रेसजनों ने अंग्रेजों से संघर्ष किया, त्याग और बलिदान दिया। जेल में मुश्किल यातनाएं सहन की, तब जाकर देश आजाद हुआ। आजादी के पहले कांग्रेस ने मौलिक अधिकारों का जो स्वरूप बनाया था, वह हमारे संविधान का हिस्सा बना, लेकिन आज संविधान और लोकतंत्र दोनों खतरे में है। Edited by : Sudhir Sharma