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रक्षामंत्री राजनाथ ने जारी किया 'दृष्टिकोण पत्र 2047', CDS अनिल चौहान के साथ की बैठक, भारतीय सेना का रोडमैप हुआ तैयार

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Defence Minister Rajnath Singh releases Vision Document 2047
Rajnath Singh releases Vision Document 2047 : अमेरिका, ईरान और इसराइल युद्ध के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आज नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में आयोजित कार्यक्रम में 'रक्षा बलों के लिए विजन 2047 : भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना का रोडमैप' जारी किया। खबरों के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण पत्र में भारतीय सेना को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक रणनीतिक सुधार, दक्षता बढ़ाने के उपाय और संगठनात्मक परिवर्तन की एक श्रृंखला की व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। इस बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में नेवी चीफ एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, चीफ ऑफ एयर स्टाफ, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और दूसरे सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे।
 

और मजबूत होगी भारतीय सेना

अमेरिका, ईरान और इसराइल युद्ध के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आज नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में आयोजित कार्यक्रम में 'रक्षा बलों के लिए विजन 2047 : भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना का रोडमैप' जारी किया। इस महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण पत्र में भारतीय सेना को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक रणनीतिक सुधार, दक्षता बढ़ाने के उपाय और संगठनात्मक परिवर्तन की एक श्रृंखला की व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की गई है।

तीनों सेना के बीच बढ़ेगा तालमेल और सहयोग

इस बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में नेवी चीफ एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, चीफ ऑफ एयर स्टाफ, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और दूसरे सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस योजना का एक बड़ा हिस्सा है थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच तालमेल और सहयोग बढ़ाना। यह इस सैन्य दस्तावेज का एक महत्वपूर्ण आधार स्तंभ भी है। इससे सैन्य योजना बनाने, अभियानों को अंजाम देने और नई क्षमताओं को विकसित करने में मदद मिलेगी।

बैठक को काफी अहम माना जा रहा

सभी सेनाएं (भारतीय वायुसेना, नौसेना और थलसेना) मिलकर तेज, सटीक और प्रभावी तरीके से अपने मिशन व लक्ष्यों को पूरा कर पाएंगी। इस दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सेना के अधिकारियों से बात की। ईरान और अमेरिका युद्ध के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की सीडीएस के साथ हुई बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।

भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के 8 महीने बाद जारी किया दृष्टिकोण पत्र

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह दृष्टिकोण पत्र भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के 8 महीने बाद जारी किया गया। पिछले साल 7 से 10 मई के बीच हुए इस संघर्ष के बाद सेना के तीनों अंगों (थलसेना, वायुसेना और नौसेना) से कहा गया कि वे इस संघर्ष से मिले अनुभव का लाभ उठाने के लिए काम करें।
 

इन लक्ष्यों के साथ होगा सैन्य क्षमताओं का विकास

इस विजन दस्तावेज का लक्ष्य स्वतंत्रता के 100 साल पूरे होने तक भारतीय सेना को वैश्विक स्तर पर सम्मानित, तकनीकी रूप से उन्नत और युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार करना है। दस्तावेज में लघु अवधि, मध्य अवधि और दीर्घ अवधि के लिए लक्ष्य तय किए गए हैं। इन लक्ष्यों के अनुसार सैन्य क्षमताओं का विकास, संस्थागत सुधार और रणनीतिक सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
दृष्टिकोण पत्र का उद्देश्य रक्षाबलों को आधुनिक, एकीकृत और तकनीकी रूप से उन्नत सेना में परिवर्तित करना है जो 2047 तक विकसित भारत बनने की राष्ट्र की आकांक्षा को पूर्ण करने में सहयोग देने में सक्षम हो। इस दूरदर्शी दस्तावेज में भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों की जटिलता को समझते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैन्य शक्ति को कूटनीतिक, तकनीकी और आर्थिक शक्ति के साथ जोड़ते हुए समग्र राष्ट्रव्यापी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
Edited By : Chetan Gour 

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