Publish Date: Tue, 19 May 2026 (14:15 IST)
Updated Date: Tue, 19 May 2026 (14:24 IST)
देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में भले ही अभी 8 महीने का वक्त बचा हुआ है, लेकिन सूबे में सत्तारूढ पार्टी भाजपा ने अपना चुनावी एजेंडा सेट कर दिया है। भाजपा के हिंदुत्व के सबसे बड़े चेहरे और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बकरीद के त्योहार से पहले मुस्लिम समुदाय को सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर दी गई चेतानवनी इस बात का साफ इशारा है कि भाजपा विधानसभा चुनाव कट्टर हिंदुत्व के चेहरे पर ही लड़ेगी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नमाज पढ़नी है, आप शिफ्ट में पढ़िए, प्यार से मानेंगे ठीक है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे। सीएम योगी ने साफ तौर पर कहा कि यूपी में सड़कों पर नमाज नहीं होगी और किसी को इसकी इजाजत नहीं दी जाएगी।
दरअसल 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनाना भी भाजपा का हिंदुत् का एजेंडा लगातार हावी होता जा रहा है। आज भाजपा के अंदर योगी आदित्यनाथ को मजबूत हिंदुत्ववादी नेता के रूप में देखा जाता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हिंदुत्व का मॉडल केवल भाषणों तक सीमित नहीं है। राजनीतिक विश्लेषक मानते है कि योगी मॉडल ने हिंदुत्व को केवल वैचारिक बहस से निकालकर प्रशासनिक शैली में बदल दिया है।
योगी का हिंदुत्व मॉडल भाजपा की चुनावी राजनीति में प्रभावशाली माना जाता है। हाल में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव मे भाजपा की प्रचंड जीत का बड़ा कारण कट्टर हिंदुत्व ही रहा और इसकी तस्वीर उस वक्त और साफ हो गई जब बंगाल मे्ं भाजपा के पहले मुख्यमंत्री की शपथ लेने वाले शुभेंद्रु अधिकारी को मंच पर योगी आदित्यनाथ ने अपना भगवा गमछा उतारकर पहना दिया।
दरअसल योगी आतियनाथ ने पिछले 10 सालों उत्तर प्रदेश में अपने हिदुत्व के एजेंडे को औऱ धार दी है। काशी कॉरिडोर और मथुरा जैसे धार्मिक मुद्दों को योगी सरकार ने हिंदुत्व के एजेंडे में पेश किया और कांवड़ यात्रा और अयोध्या में सरयू के किनारे दीपोत्सव के जरिए,उन्होंने हिंदुत्व के एक एजेंडे के तौर पर स्थापित किया।
उत्तर प्रदेश की सियासत के जानकार योगी के हिंदुत्व मॉडल को तीन स्तंभों पर आधारित मानते है जिसमें धार्मिक पहचान, मजबूत प्रशासन और राष्ट्रवादी राजनीति। योगी सरकार का एजेंडा और काम के तरीके उनके हिंदुत्व की छवि को और मजबूत करते है। योगी के हिदुत्व के मॉडल में उनकी बुलडोजर राजनीति सबसे अक्रामक मानी जाती है। बुलडोर का समुदाय विशेष के खिलाफ विशेष प्रयोग उनकी हिंदुत्व की छवि को और मजबूत करती है। कब्जों पर बुलडोजर कार्रवाई, अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैया और धार्मिक आयोजनों को सरकारी स्तर पर बढ़ावा देना इस मॉडल की प्रमुख विशेषताएँ हैं।