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Fact-Check: क्या शशि थरूर ने पाकिस्तान को बताया 'ग्लोबल सिक्योरिटी लीडर' और भारतीयों को 'फिल्मों में व्यस्त'? जानें सच

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शशि थरूर फैक्ट चेक
Shashi Tharoor Fact Check: सोशल मीडिया पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर का एक चौंकाने वाला वीडियो और बयान तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि थरूर ने पाकिस्तान की तारीफ करते हुए उसे 'ग्लोबल नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' बताया है और भारतीयों का मजाक उड़ाते हुए कहा है कि वे 'धुरंधर 2' जैसी फिल्मों की कल्पनाओं में खोए हैं।

दावे की पड़ताल : क्या है पूरा मामला?

वायरल हो रही क्लिप में थरूर को कथित तौर पर यह कहते सुना जा सकता है कि पाकिस्तान दुनिया के लिए सुरक्षा प्रदाता बन गया है, जबकि भारत केवल जासूसी फिल्मों (जैसे रणवीर सिंह की 'धुरंधर' सीरीज) के जरिए राष्ट्रवाद का दिखावा कर रहा है।
 

सत्यता की जांच (Fact-Check Details)

हमने इस वायरल दावे की गहराई से जांच की और निम्नलिखित तथ्य सामने आए:
 
AI और डीपफेक का खेल : तकनीकी विश्लेषण और फॉरेंसिक जांच से पुष्टि हुई है कि यह वीडियो पूरी तरह से AI जनरेटेड (डीपफेक) है। थरूर की आवाज और लिप-सिंक को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जरिए बदला गया है।
 
तथ्यात्मक विसंगति : पाकिस्तान वर्तमान में स्वयं गंभीर आर्थिक संकट और आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों (जैसे टीटीपी का बढ़ता प्रभाव) से जूझ रहा है। ऐसे में उसे 'ग्लोबल नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' कहना किसी भी राजनयिक स्तर पर तर्कहीन है।
 
शशि थरूर का रुख : थरूर ने हमेशा अपनी शैली में स्पष्ट अंग्रेजी और संतुलित राजनीति का परिचय दिया है। उन्होंने पूर्व में भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर उनकी आवाज का गलत इस्तेमाल कर प्रोपगैंडा फैलाया जा रहा है।
 
प्रोपगैंडा का स्रोत : इस क्लिप को विशेष रूप से पाकिस्तानी हैंडल्स और कुछ भारत-विरोधी बॉट नेटवर्क्स द्वारा हवा दी गई है ताकि भारतीय जनमानस में भ्रम पैदा किया जा सके।

फिर सच क्या है?

वायरल वीडियो फर्जी (FAKE) है। शशि थरूर ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। यह एक 'डीपफेक' वीडियो है जिसे राजनीतिक ध्रुवीकरण और फिल्म 'धुरंधर 2' की लोकप्रियता का गलत फायदा उठाने के लिए बनाया गया है।

क्या कहा थरूर ने?

मेरे डीपफेक वीडियो की एक चिंताजनक संख्या सर्कुलेट हो रही है। इनमें मेरे पुराने इंटरव्यू के असली फुटेज पर AI से बनी आवाज़ें लगाई गई हैं, जिनमें 'मुझे' ऐसी बातें कहते हुए दिखाया गया है, जो मैंने कभी नहीं कही हैं। यह देखकर निराशा होती है कि सोशल मीडिया पर इतने सारे लोग इन झूठों पर यकीन कर रहे हैं और उन विचारों के लिए मुझ पर बेबुनियाद टिप्पणियां करके मुझ पर हमला कर रहे हैं, जिन्हें मैंने कभी व्यक्त ही नहीं किया।
 
उन्होंने कहा कि एक सीधा सा नियम याद रखें, अगर कोई बयान (वीडियो या कोई और रूप में) मेरी टाइमलाइन पर या उस कथित इंटरव्यू लेने वाले/मीडिया सोर्स की टाइमलाइन पर दिखाई नहीं देता है, तो वह फेक न्यूज है। 
 
सावधान रहें : किसी भी संवेदनशील वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें। AI के इस दौर में जो दिखता है, वह हमेशा सच नहीं होता।

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