Digvijay Singh News : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक शुरू होने से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी की 1990 के दशक की तस्वीर साझा कर चर्चा में आ गए। इस तस्वीर में पीएम मोदी लालकृष्ण आडवाणी के पैरों के पास बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर साझा करते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने लिखा कि आरएसएस का एक जमीनी स्वयंसेवक और भाजपा का जमीनी कार्यकर्ता किस प्रकार नीचे बैठकर मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बना। इसके साथ ही दिग्विजय ने कांग्रेस को भी नसीहत दे डाली। उन्होंने कहा कि जिस तरह से चुनाव आयोग में सुधार की आवश्यकता है, वैसे ही कांग्रेस पार्टी में भी संरचनात्मक बदलाव की जरूरत है।
खबरों के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक शुरू होने से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी की 1990 के दशक की तस्वीर साझा कर चर्चा में आ गए। दिग्विजय ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, क्वोरा साइट पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लालकृष्ण आडवाणी के पैरों के पास बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं।
तस्वीर साझा करते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने लिखा कि आरएसएस का एक जमीनी स्वयंसेवक और भाजपा का जमीनी कार्यकर्ता किस प्रकार नीचे बैठकर मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बना। उन्होंने इस तस्वीर को प्रभावशाली बताते हुए इसे संगठन की ताकत बताया। इसके साथ ही दिग्विजय ने कांग्रेस को भी नसीहत दे डाली।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से चुनाव आयोग में सुधार की आवश्यकता है, वैसे ही कांग्रेस पार्टी में भी संरचनात्मक बदलाव की जरूरत है। दिग्विजय ने कहा कि पार्टी को अधिक व्यावहारिक और विकेंद्रीकृत तरह से चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि राहुल गांधी यह कर सकते हैं। दिग्विजय की इस पोस्ट को प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ के तौर पर भी देखा गया।
बयान पर दिग्विजय सिंह ने दी यह सफाई : सवाल उठे कि क्या दिग्विजय सिंह अपने इस पोस्ट के जरिए कांग्रेस नेतृत्व को कोई संदेश या नसीहत देना चाह रहे हैं। लेकिन बाद में जब दिग्विजय सिंह की बात पर विवाद हुआ तो उन्होंने सफाई दी। दिग्विजय ने कहा कि दरअसल, मैंने पार्टी संगठन की तारीफ की थी।
लोगों ने मेरी बात को गलत समझा। मैं आरएसएस का और केंद्र सरकार की नीतियों का घोर विरोधी था, हूं और रहूंगा। उन्होंने कहा, क्या संगठन को मजबूत करना या उसकी तारीफ करना बुरी बात है? क्या चुनाव सुधार की बात करना गुनाह है?
गौरतलब है कि इससे करीब एक हफ्ते पहले 19 दिसंबर को भी दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी को लेकर एक पोस्ट किया था। उस पोस्ट में उन्होंने राहुल गांधी से कहा था कि वे सामाजिक और आर्थिक मुद्दों के साथ-साथ कांग्रेस संगठन पर भी ध्यान दें।
Edited By : Chetan Gour