कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) की तारीफ कर सियासी सनसनी फैला दी थी। राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं और अटकलें शुरू हो गई थीं। कई तरह की अटकलों के बीच दिगिजवजय सिंह अपने बयान पर ना सिर्फ कायम हैं, बल्कि दोहरा भी रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने आरएसएस की संगठन शक्ति का खुद को प्रशंसक बताते हुए अब कांग्रेस में सुधार की गुंजाइश भी बताई है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस किसी मुद्दे पर आंदोलन तो अच्छे से खड़ा कर लेती है, लेकिन इसे वोटों में नहीं बदल पा रही है। इससे पहले CWC बैठक में दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस संगठन की कमजोरी और पार्टी में 'स्लीपर सेल' होने का मुद्दा उठाकर हलचल मचा दी थी। उनके बयान पर कांग्रेस में असहजता दिखी तो दूसरी तरफ भाजपा ने इसे राहुल गांधी के नेतृत्व पर खुला हमला बताते हुए पलटवार किया।
आरएसएस की तारीफ की थी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक ऐसी तस्वीर शेयर की है, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी थी। तस्वीर में पीएम मोदी लालकृष्ण आडवाणी के पैरों के पास जमीन पर बैठे नजर आते हैं। दिग्विजय सिंह ने तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा था- RSS का जमीनी स्वयंसेवक और बीजेपी का जमीनी कार्यकर्ता नीचे बैठकर सीएम और पीएम बना… यह संगठन की शक्ति है। उन्होंने संघ और भाजपा की प्रशंसा करते हुए कहा कि कैसे जमीनी स्तर के कार्यकर्ता, जो कभी जमीन पर बैठे रहते थे, संघ-भाजपा के ढांचे के भीतर विकसित होकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
क्या बोले थे कांग्रेस नेता
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की संगठनात्मक ताकत की तारीफ करने पर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि उनके बयान को तोड़ मरोड़कर बीजेपी प्रस्तुत करती है। RSS से हमें कुछ भी सीखनी की जरूरत नहीं है हमने ब्रिटिश हुकूमत और उसके अन्याय के खिलाफ आजादी की लड़ाई लड़ी और इसको जन आंदोलन बनाकर लड़े तो हमें किसी से कुछ सीखनी की जरूरत नहीं हैं बल्कि लोगों को हमसे सीखना चाहिए। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की संगठनात्मक ताकत की तारीफ करने पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि RSS से सीखने जैसा कुछ नहीं है। गोडसे के लिए जानी जाने वाली संस्था गांधी द्वारा स्थापित संस्था को क्या सिखा सकती है? Edited by : Sudhir Sharma