Publish Date: Thu, 28 May 2026 (15:52 IST)
Updated Date: Thu, 28 May 2026 (16:00 IST)
Karnataka politics 2026: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद यह तय हो गया है कि राज्य के अगले मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार होंगे। कर्नाटक की राजनीति में डीके को कांग्रेस का सबसे ताकतवर, प्रभावशाली और भरोसेमंद नेता माना जाता है। उनका पूरा नाम डोडालाहल्ली केम्पेगौड़ा शिवकुमार (DK Shivakumar) है। वे पिछले कुछ समय से राज्य का मुख्यमंत्री बनने के लिए मुहिम चलाए हुए थे। अन्तत: उन्हें सफलता मिल ही गई।
दरअसल, 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस हाईकमान के साथ हुए ढाई-ढाई साल के 'पावर-शेयरिंग फॉर्मूले' डीके शिवकुमार कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। वर्तमान में डीके कर्नाटक के डिप्टी सीएम हैं और कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी हैं। डीके शिवकुमार केवल एक क्षेत्रीय नेता नहीं हैं, बल्कि वे धनबल, अचूक चुनावी रणनीति, मजबूत जातिगत आधार और दिल्ली दरबार (कांग्रेस हाईकमान) में सीधी पैठ रखने वाले 'पॉवरहाउस' हैं। उन्हें 'कनकपुरा के रॉक' के नाम से भी जाना जाता है। 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले इस बदलाव को कर्नाटक की राजनीति में काफी अहम माना जा रहा है।
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आइए जानते हैं डीके शिवकुमार की 5 बड़ी खूबियां, जिनकी वजह से वे मुख्यमंत्री पद की कुर्सी तक पहुंचने जा रहे हैं....
कांग्रेस के संकटमोचक
राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी में डीके शिवकुमार की हैसियत एक 'संकटमोचक' की है। जब भी कांग्रेस किसी राज्य में सरकार बचाने, विधायकों की हॉर्स-ट्रेडिंग (खरीद-फरोख्त) रोकने या चुनावी रणनीति बनाने में फंसती है, तो डीके शिवकुमार को याद किया जाता है। 2002 में महाराष्ट्र की विलासराव देशमुख सरकार पर संकट आया, तो उन्होंने विधायकों को बेंगलुरु के रिजॉर्ट में सुरक्षित रखा। 2017 के राज्यसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस विधायकों को एकजुट रखकर अहमद पटेल की जीत सुनिश्चित की। 2018 में जेडीएस और कांग्रेस की गठबंधन सरकार बनाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई।
संगठन पर मजबूत पकड़
डीके को कर्नाटक के सबसे प्रभावशाली और अमीर राजनेताओं में से एक माना जाता है। 2023 के विधानसभा चुनाव में जब कांग्रेस ने प्रचंड बहुमत (135 सीटें) हासिल किया, तो पर्दे के पीछे संगठन को मजबूत करने, फंडिंग और रणनीति तैयार करने का पूरा श्रेय डीके शिवकुमार को ही गया। वे कनकपुरा विधानसभा सीट से लगातार 8 बार से विधायक हैं और उन्होंने कभी चुनाव नहीं हारे हैं।
वोक्कालिगा समुदाय का बड़ा चेहरा
कर्नाटक की राजनीति दो बड़े समुदायों (लिंगायत और वोक्कालिगा) के इर्द-गिर्द घूमती है। डीके वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं और इस वर्ग पर उनकी मजबूत पकड़ है। यही कारण है कि कांग्रेस हाईकमान उन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकता, क्योंकि 2028 के अगले विधानसभा चुनाव में उनका यह जनाधार पार्टी के लिए बेहद जरूरी है।
गांधी परिवार के बेहद भरोसेमंद
डीके शिवकुमार को गांधी परिवार (विशेषकर सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा) का बेहद करीबी और वफादार माना जाता है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर (IT) के मामलों में जेल जाने के बाद भी उन्होंने कभी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा, जिससे केंद्रीय नेतृत्व में उनके प्रति भरोसा और बढ़ गया।
आक्रामक राजनीतिक शैली
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया जहां अपनी सधी हुई और समाजवादी राजनीति के लिए जाने जाते हैं, वहीं डीके शिवकुमार अपनी आक्रामक, बेबाक और जमीनी राजनीतिक शैली के लिए प्रसिद्ध हैं। वे विरोधियों के गढ़ में घुसकर चुनौती देने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए जाने जाते हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी उनका आत्मविश्वास कभी कम नहीं होता।
कर्नाटक में 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले इस बदलाव को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्योंकि शिवकुमार के साथ सांगठनिक ताकत के साथ ही धनबल की ताकत भी है, जिसकी अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को काफी जरूरत होगी।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
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