तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर की नई पार्टी जनता उन्नयन पार्टी को लेकर विवाद सामने आया है। पार्टी द्वारा उम्मीदवार घोषित की गईं निशा चटर्जी को 24 घंटे से भी कम समय में पार्टी से हटा दिया गया। पार्टी ने इस अचानक फैसले के पीछे चटर्जी की 'अश्लील' सोशल मीडिया गतिविधियों को कारण बताया है। दूसरी तरफ चटर्जी ने इसे धर्म के आधार पर भेदभाव बताते हुए हुमायूं कबीर पर चरित्र हनन का मुकदमा करने की चेतावनी दी है।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निशा ने कहा कि 'कबीर ने मुझे इसलिए हटा दिया गया क्योंकि मैं हिन्दू हूं। अगर उनकी पार्टी धर्मनिरपेक्ष थी, तो क्या ऐसा होता? मैं उनकी बाबरी मस्जिद योजना के साथ खड़ी थी। फिर उन्होंने मेरे साथ ऐसा क्यों किया?' उन्होंने बताया कि वह जून में उनके कैफे के उद्घाटन के बाद से कबीर के संपर्क में थी।
राज्य समिति का सदस्य बनाने का वादा
कबीर ने उन्हें 22 दिसंबर के कार्यक्रम में आमंत्रित किया था और पार्टी की राज्य समिति का सदस्य बनाने का वादा किया था। जनता उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर ने मंगलवार को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निशा चटर्जी के बारे में कहा कि उनके सोशल मीडिया पोस्ट और व्यवहार अनुचित हैं। वे बंगाल विधानसभा जैसे पवित्र स्थान में कदम रखने के लिए बिलकुल भी उपयुक्त नहीं हैं। अब वे एक हफ्ते के भीतर बैलीगंज के लिए एक मुस्लिम उम्मीदवार का नाम घोषित करेंगे। कबीर ने कहा कि वे बैलीगंज के दो प्रतिनिधियों से मिलने वाले हैं और इस मुद्दे पर फैसला करेंगे।
पार्टी के लिए किया इस्तेमाल
2018 में जोगमाया देवी कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद निशा चटर्जी टिकटॉक स्टार बन गई थी। निशा ने हुमायूं कबीर पर तंज कसते हुए कहा कि उनके सोशल मीडिया पर कबीर से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कबीर ने अपनी पार्टी का प्रचार के लिए उन्हें साथ लिया। वह इस सीट के लिए एक मुस्लिम उम्मीदवार की घोषणा करेंगे, जिसका मतलब है कि उनकी पार्टी धर्मनिरपेक्ष नहीं है। Edited by : Sudhir Sharma