Biodata Maker

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

Year 2026 में क्या है CM डॉ. मोहन यादव का संकल्प, ‘वेबदुनिया’ को बताई 2028 तक की 3 बड़ी प्राथमिकताएं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पॉलिटिकल एडिटर विकास सिंह की एक्सक्लूसिव चर्चा

Advertiesment
हमें फॉलो करें Chief Minister Dr. Mohan Yadav
webdunia

विकास सिंह

, गुरुवार, 1 जनवरी 2026 (07:33 IST)
मध्यप्रदेश में बतौर मुख्यमंत्री दो साल का कार्यकाल पूरा करने वाले सूबे के मुखिया डॉ. मोहन यादव नए साल में भी प्रदेशवासियों को कई बडी सौगातें देने की तैयारी में है। साल 2026 से 2028 तक के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के विकास की ऐसी परिकल्पना तैयार की है जिसका लाभ प्रदेश की लगभग 9 करोड़ की जनता को सीधा मिलेगा। किसान जो प्रदेश के विकास की धुरी है उनके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मानने का संकल्प लिया है। इसके साथ प्रदेशवासियों को वर्ष 2026 में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की सौगात भी मिलने जा रही है।

अपनी सरकार के 2 साल के कार्यकाल में कई बड़े फैसले करने वाले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अब  क्या बड़ी प्राथमिकताएं है, इसको लेकर ‘वेबदुनिया’ के पॉलिटिकल एडिटर विकास सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से एक्सक्लूसिव चर्चा की।


प्रश्न-वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने की क्या है सोच?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार श्रेणियां महिला, किसान, युवा और गरीब बताई है। इसी को ध्यान में रखते हुए हम चार मिशन पर काम कर रहे है। 2023 में सरकार बनने के बाद हमने 2024 महिला वर्ष के तौर पर लिया था। वहीं वर्ष 2025 को हमने युवा को ध्यान में रखते हुए रोजगार और उद्योग वर्ष के तौर पर लिया और अब वर्ष 2026 को किसान भाईयों के कल्याण के लिए हमने कृषि वर्ष के तौर पर लिया है। सरकार का फोकस प्रदेश के हर वर्ग की बेहतरी पर है। कृषि आधरित राज्य के अंदर अगर किसान और कृषि की बात करेंगे और उनके लिए अच्छे निर्णय होंगे तो निश्चित तौर से हमारे किसान भाईयों के साथ पूरे प्रदेश को इसका निश्चित तौर पर अच्छा लाभ मिलेगा।
webdunia

प्रश्न-दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को लेकर क्या हैं आपका रोडमैप?
देखिए भारत के सांसधन के बलबूते पर ही, यहां की क्षमता, तकनीकी योग्यता और बौद्धिक क्षमता का सदुयपोग करते हुए जब दुनिया के सामने भारत अपनी ताकत बना रहा है तो मध्यप्रदेश भी अलग नहीं है, मध्यप्रदेश भी कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। मध्यप्रदेश की 9 करोड़ की आबादी में बड़ी संख्या में टैलेंट है, प्राकृतिक संसाधन बहुत है और हमारे सामने भविष्य में आगे बढ़ने की बहुत अच्छी संभावना हैं, इसलिए हम उस पर गौर करते हुए काम कर रहे है। हम प्रत्येक क्षेत्र में अपने सभी संसाधनों सही उपयोग कर प्रदेश की प्रगति के द्वार खोल रहे है।
 
webdunia

प्रश्न-सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी के बाद अब बेटे-बहू की नर्मदा यात्रा?
देखिए अपने-अपने जीवन का अपना-अपना आनंद है। मैं चाहता हूं कि लोगों को दिखावे से बचना चाहिए,इसलिए शादी-ब्याह में अनावश्यक खर्चा क्यों करें। अगर बड़ा व्यक्ति इससे बचेगा तो नीचे तक एक इको सिस्टम काम करता और इसी भावना के साथ मैंने यह फैसले लिया। मैंने अपने बड़े बेटे की शादी भी बहुत सीमित संख्या में की थी और छोटे बेटे की शादी तो सामूहिक विवाह सम्मेलन में ही हो गई। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि बच्चे इसे मानते भी है। मां नर्मदा का हम पर बहुत आशीर्वाद है और अमरकंट में उद्गम से लेकर मां नर्मदा की 80 फीसदी धारा का प्रवाह हमारे प्रदेश में ही होता है। शादी के बाद बच्चों ने कहा कि हम कहा जाएं तो मैंने कहा जहां इच्छा हो वहां जाएं, बच्चों ने कहा कि मां नर्मदा की परिक्रमा करें तो मैंने कहा बहुत अच्छी बात है। फिर बड़े बेटे ने भी कहा कि मैं भी जाऊंगा, बेटी-दामाद ने कहा कि हम भी जाएंगे तो सब निकल गए।
 
webdunia

प्रश्न-वर्ष 2028 तक के 3 बड़े काम जो आप की प्राथमिकता?
(हंसते हुए)....आपने तीन काम पूछे, मैं कई काम बात सकता हूं। आपने तीन काम कहे तो मैं बताना चाहूंगा, उसमें पहला प्रमुख काम हमारी रोडवेज को जमीन पर उतारना है। मध्यप्रदेश राज्य परिवहन की तर्ज पर प्रदेश में फिर परिवहन सेवा शुरु करना है। परिवहन सेवा गरीब भाई बहनों के जीवन में बहुत मायने रखती है। जब हम प्रदेश में लगातार सड़कों की सौगात दे रहे है तो गांव- शहर सबके लिए परिवहन सेवा होना चाहिए। सरकारी परिवहन सेवा गरीब भाई-बहनों के जीवन में बहुत मायने रखती है, इसलिए मध्यप्रदेश में सुगम परिवहन सेवा को जमीन पर उतारना पहली प्राथमिकता है।
 
webdunia

इसके साथ हमारा दूसरा बड़ा लक्ष्य एग्रीकल्चर ग्रोथ रेट के साथ इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट को भी तेजी से बढ़ाना और प्रत्येक गांव और प्रत्येक किसान के खेतों तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।  नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से हम प्रदेश में 100 लाख हेक्टयेर तक सिंचाई का रकबा ले जाएंगे जो वर्तमान में लगभग 56 लाख हेक्टेयर है। हमारा लक्ष्य प्रत्येक गांव-प्रत्येक किसान के खेत पानी की आपूर्ति को सुनिश्चित कराना है।

इसके साथ सभी किसान भाईयों को सोलर पंप दिलाकर उनको बिजली के बिल से मुक्ति दिलाना हमारा लक्ष्य है। किसान जब सोलर पंप लगाएगा तो अपनी बिजली खुद उत्पन्न करेगा, खेती में पीने के पानी के लिए सब उसको मिलेगी। इसके साथ बजट दोगुना करने के साथ हर जिले तक मेडिकल कॉलेज तक बनाना हमारी प्राथमिकता है। इसके साथ ही सिंहस्थ जो विश्व का सबसे बड़ा आयोजन है उसके लिए हम काम कर रहे है।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

Welcome 2026 : 2026 का भव्य स्वागत, न्यूयॉर्क से लेकर नई दिल्ली तक झूमे लोग, जमकर आतिशबाजी