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बांग्लादेश में हिंसा को लेकर पूर्व राजनयिक ने दी चेतावनी, बोले- जिहादी तत्वों से प्रभावित हैं मोहम्‍मद यूनुस के फैसले...

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

नई दिल्ली , रविवार, 28 दिसंबर 2025 (16:34 IST)
Bangladesh violence case : बांग्लादेश में हिंसा लगातार जारी है। भीड़ के प्रदर्शन और उससे जुड़ी हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। 12 दिसंबर को इंकलाब मंच के छात्र नेता उस्मान हादी को गोली मार दी गई थी। इसके बाद से लेकर अब तक बांग्लादेश में लगातार माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। हिंसा के इस दौर में वहां के अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। इस बीच भारत के पूर्व राजनयिक सुरेश गोयल का बयान सामने आया है। पूर्व भारतीय राजनयिक सुरेश के. गोयल ने चेतावनी दी कि बांग्लादेश में मौजूदा सापेक्ष शांति तूफान से पहले की शांति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के निर्णय जिहादी तत्वों से काफी प्रभावित हो रहे हैं।

खबरों के अनुसार, बांग्लादेश में हिंसा लगातार जारी है। भीड़ के प्रदर्शन और उससे जुड़ी हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। 12 दिसंबर को इंकलाब मंच के छात्र नेता उस्मान हादी को गोली मार दी गई थी। इसके बाद से लेकर अब तक बांग्लादेश में लगातार माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। हिंसा के इस दौर में वहां के अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। इस बीच भारत के पूर्व राजनयिक सुरेश गोयल का बयान सामने आया है।
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पूर्व भारतीय राजनयिक सुरेश के. गोयल ने चेतावनी दी कि बांग्लादेश में मौजूदा सापेक्ष शांति तूफान से पहले की शांति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के निर्णय जिहादी तत्वों से काफी प्रभावित हो रहे हैं। पूर्व राजदूत ने कहा, मुझे लगा था कि मोहम्मद यूनुस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक छवि है और वे बांग्लादेश की राजनीति को बेहतर तरीके से नियंत्रित करेंगे, लेकिन साफ है कि उनके फैसले दूसरों से बहुत ज्यादा प्रभावित हैं।

ये बाहरी तत्व, जिहादी तत्वों का बढ़ता प्रभाव है, जो बांग्लादेश की राजनीति को जटिल बना रहा है। बांग्लादेश में हालात और बिगड़ रहे हैं और जितना हमने सोचा था, उससे भी ज्यादा जटिल हो रहे हैं। शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होने के बाद से ही वहां अराजकता के हालात हैं।
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तारिक रहमान के बांग्लादेश लौटने पर पूर्व राजदूत ने कहा, यह एक अच्छी बात है क्योंकि अगर बीएनपी चुनावों में हिस्सा लेती है, तो यह साबित होगा कि चुनाव देश में लोकतांत्रिक शासन की वापसी की एक सच्ची कोशिश है लेकिन साथ ही, उन्होंने अवामी लीग पर सिर्फ इसलिए प्रतिबंध लगा दिया है, क्योंकि वे शेख हसीना को वापस नहीं आने देना चाहते।

पूर्व राजनयिक ने कहा कि बांग्लादेश में चुनाव मजाक नहीं बनने चाहिए। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने शनिवार को ढाका यूनिवर्सिटी का दौरा किया और भारी सुरक्षा के बीच मारे गए छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की कब्र पर दुआ की।
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बांग्लादेश में पिछले साल एक बड़ा फैसला हुआ। वही फैसला अब पूरे बांग्लादेश को परेशान कर रहा है। उसके चक्कर में बांग्लादेश की शांति खत्म हो गई है। नोबेल जीतने वाले मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार बनाते ही जमात-ए-इस्लामी नाम के संगठन पर लगा बैन हटा दिया था। यह संगठन कट्टरपंथी है और हिंदुओं से नफरत करता है। इस फैसले से बांग्लादेश में कट्टरवाद बढ़ गया और हिंदुओं पर हमले ज्यादा हो गए।
Edited By : Chetan Gour

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