Salman Khurshid's response to Digvijay Singh's statement : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा की तारीफ को को लेकर अब पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद का भी जवाब सामने आया है। खुर्शीद ने फिल्म 'शोले' का जिक्र कर दो टूक जवाब देते हुए कहा कि डाकू भी मजबूत होता है, तो क्या आप अपने बच्चे से कहेंगे कि तुम भी डाकू बन जाओ? क्या आपको 'शोले' फिल्म याद है? जिसमें क्या कहा गया था कि दूर-दूर तक कभी कोई बच्चा रोता है तो मां कहती है कि चुप हो जा नहीं तो गब्बर आ जाएगा। तो क्या आप ऐसा समाज बनाना चाहते हैं, जहां गब्बर के डर से आप बच्चों को रोने भी नहीं देंगे।
खबरों के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा की तारीफ को लेकर अब पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद का भी जवाब सामने आया है। खुर्शीद ने फिल्म 'शोले' का जिक्र कर दो टूक जवाब देते हुए कहा कि डाकू भी मजबूत होता है, तो क्या आप अपने बच्चे से कहेंगे कि तुम भी डाकू बन जाओ? क्या आपको 'शोले' फिल्म याद है?
जिसमें क्या कहा गया था कि दूर-दूर तक कभी कोई बच्चा रोता है तो मां कहती है कि चुप हो जा नहीं तो गब्बर आ जाएगा। तो क्या आप ऐसा समाज बनाना चाहते हैं, जहां गब्बर के डर से आप बच्चों को रोने भी नहीं देंगे। सलमान खुर्शीद ने कहा, हम उस तरह से मजबूत नहीं होता चाहते हैं जिस प्रकार से आरएसएस मजबूत हैं। हम आरएसएस का विरोध करते हैं।
पार्टी के कई वरिष्ठ नेता दिग्विजय के बयान से उलट संघ की आलोचना कर रहे हैं। कांग्रेस ने संघ की तुलना गोड़से के लिए जानी जाने वाली संस्था, आतंकी संगठन अलकायदा और गब्बर डाकू से की। हालांकि संघ की तारीफ के बाद दिग्विजय सिंह की तरफ से सफाई भी आ चुकी है।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक शुरू होने से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी की 1990 के दशक की तस्वीर साझा कर चर्चा में आ गए थे।
इस तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी लालकृष्ण आडवाणी के पैरों के पास बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर साझा करते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने लिखा कि आरएसएस का एक जमीनी स्वयंसेवक और भाजपा का जमीनी कार्यकर्ता किस प्रकार नीचे बैठकर मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बना।
इसके साथ ही दिग्विजय ने कांग्रेस को भी नसीहत दे डाली। उन्होंने कहा कि जिस तरह से चुनाव आयोग में सुधार की आवश्यकता है, वैसे ही कांग्रेस पार्टी में भी संरचनात्मक बदलाव की जरूरत है। दिग्विजय ने कहा कि पार्टी को अधिक व्यावहारिक और विकेंद्रीकृत तरह से चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि राहुल गांधी यह कर सकते हैं। दिग्विजय की इस पोस्ट को प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ के तौर पर भी देखा गया।
बयान पर दिग्विजय सिंह ने दी थी यह सफाई : सवाल उठे कि क्या दिग्विजय सिंह अपने इस पोस्ट के जरिए कांग्रेस नेतृत्व को कोई संदेश या नसीहत देना चाह रहे हैं। लेकिन बाद में जब दिग्विजय सिंह की बात पर विवाद हुआ तो उन्होंने सफाई दी। दिग्विजय ने कहा कि दरअसल, मैंने पार्टी संगठन की तारीफ की थी। लोगों ने मेरी बात को गलत समझा। मैं आरएसएस का और केंद्र सरकार की नीतियों का घोर विरोधी था, हूं और रहूंगा।
उन्होंने कहा, क्या संगठन को मजबूत करना या उसकी तारीफ करना बुरी बात है? क्या चुनाव सुधार की बात करना गुनाह है? गौरतलब है कि इससे करीब एक हफ्ते पहले 19 दिसंबर को भी दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी को लेकर एक पोस्ट किया था। उस पोस्ट में उन्होंने राहुल गांधी से कहा था कि वे सामाजिक और आर्थिक मुद्दों के साथ-साथ कांग्रेस संगठन पर भी ध्यान दें।
Edited By : Chetan Gour