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अमित शाह बोले- आतंकवाद का बदल चुका है स्वरूप, कठोर रवैया अपनाना जरूरी

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

नई दिल्ली , शनिवार, 27 दिसंबर 2025 (00:01 IST)
Union Home Minister Amit Shah News : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में ‘एंटी-टेररिज्म कॉन्फ्रेंस 2025’ का उद्घाटन किया। इस दौरान गृहमंत्री शाह ने कहा कि आज के दौर में आतंकवाद का स्वरूप बदल चुका है, जिसमें साइबर और सूचना युद्ध, आर्थिक नेटवर्क का दुरुपयोग और हाइब्रिड आतंकवाद शामिल हैं। गृहमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में देश को सुरक्षित रखने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा मॉडल बनाना और आतंकवाद के खिलाफ कठोर रवैया अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की राष्ट्रीय स्तर की व्यवस्था ऐसे सम्मेलनों के जरिए ही मजबूत हो सकती है।

खबरों के अनुसार, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में ‘एंटी-टेररिज्म कॉन्फ्रेंस 2025’ का उद्घाटन किया। इस दौरान गृहमंत्री शाह ने कहा कि आज के दौर में आतंकवाद का स्वरूप बदल चुका है, जिसमें साइबर और सूचना युद्ध, आर्थिक नेटवर्क का दुरुपयोग और हाइब्रिड आतंकवाद शामिल हैं।
गृहमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में देश को सुरक्षित रखने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा मॉडल बनाना और आतंकवाद के खिलाफ कठोर रवैया अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की राष्ट्रीय स्तर की व्यवस्था ऐसे सम्मेलनों के जरिए ही मजबूत हो सकती है।
 
2 दिवसीय ‘आतंकवाद निरोधी सम्मेलन’ भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनएआई) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। शाह ने कहा, आतंक पर 360 डिग्री प्रहार होगा। एक अभेद ‘आतंकवाद निरोधी ग्रिड’ हर चुनौती का सामना करेगा।
शाह ने बताया कि लालकिले के पास हुए विस्फोट में 40 किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। गृहमंत्री ने देशभर में पुलिस के लिए एक समान एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ढांचे की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने में ATS की भूमिका बेहद अहम है। 
 
शाह ने यह भी कहा कि केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस ने अपने-अपने स्तर पर तकनीक का अच्छा उपयोग किया है, लेकिन अलग-अलग स्तर पर विकसित तकनीक और अलग-अलग जगह जमा किया गया डेटा ऐसा है जैसे बिना गोलियों की बंदूक। उन्होंने कहा कि अगर सभी डेटा एक-दूसरे से जुड़ें और एक जैसी तकनीक पर आधारित हों, तो सुरक्षा तंत्र कहीं अधिक प्रभावी हो सकता है।
शाह ने कहा कि मल्टी-लेयर सिक्युरिटी मॉडल बनाना और आतंकवाद के खिलाफ निर्मम दृष्टिकोण के साथ काम करना, यही हमें आने वाले दिनों में सुरक्षित रख सकता है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि सभी को नीड टू नो की जगह ड्यूटी टू शेयर के सूत्र के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि जैसे-जैसे भारत आगे बढ़ेगा, हमारी चुनौतियां बढ़ती जाएंगी। ऐसे में हम सबकी जिम्मेदारी है कि देश और अधिकारियों की आने वाली पीढ़ियों के लिए हम एक ऐसा मजबूत आतंकवाद निरोधी ग्रिड बनाए जिससे वे आने वाली चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकें।
Edited By : Chetan Gour

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