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भारत में एक तरफ जहां स्ट्रे डॉग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है और इन्हें लेकर बहस भी चल रही है, वहीं एक ऐसे डॉग की कहानी सोशल मीडिया में वायरल हो रही है जो पूरे देश के लोगों का हीरो बनता जा रहा है। इस डॉग का नाम है आलोका। यह भारतीय नस्ल का एक डॉग है जो सडक पर यूं ही घूमता था, लेकिन अब वो पूरी दुनिया में चर्चा बन जब भी कोई सोशल मीडिया खोलो तो आलोका के ही वीडियो नजर आते हैं।
दरअसल, कभी भारत की सड़कों पर यूं ही आवारा घूमने वाला स्ट्रीट डॉग अब इसलिए चर्चा में है क्योंकि वो शांति के लिए निकल पडा है। अलोका अब दुनिया को शांति, करुणा और एकता का संदेश दे रहा है। अलोका बौद्ध भिक्षुओं के साथ शांति और दया के लिए यात्रा कर रहा है। वो उनकी शांति पदयात्रा का हिस्सा है। यह पदयात्रा 120 दिनों तक चलेगी और करीब 3,700 मील की दूरी तय करेगी। इस यात्रा का उद्देश्य लोगों में करुणा, शांति और एकता का संदेश देना है।
कैसे बौद्ध भिक्षुओं के साथ हुआ आलोका : आलोका यूं ही कोलकाता की सडकों पर भटकता था। कहीं भी सोता था और कहीं भी खाता था। लेकिन एक दिन उसे बौद्ध भिक्षुओं का एक समूह नजर आया तो वो उनके साथ हो गया। बौद्ध भिक्षुओं का यह दल भारत यात्रा के लिए आया हुआ था। भूरे और सफेद रंग के इस डॉग ने जब समूह को देखा तो यह उनके साथ हो लिया। रहा। धूप, बारिश जैसी तमाम मुश्किलों के बावजूद उसने बौद्ध भिक्षुओं का साथ नहीं छोड़ा। भिक्षुओं ने उसे अपने पास से दूर करने के लिए काफी कोशिशें की लेकिन वो नहीं गया। उससे भिक्षुओं का समूह इतना प्रभावित हुआ कि उसे अपने साथ रख लिया। करीब 100 दिनों तक वो भिक्षुओं के साथ घूमता रहा।
कार एक्सीडेंट में हुआ घायल, लेकिन नहीं मानी हार : बौद्ध भिक्षुओं की भारत यात्रा के दौरान एक बार यह डॉग कार की चपेट में आ गया और गंभीर बीमार भी पड़ा। उसकी हालत को देखते हुए भिक्षुओं ने उसे आराम देने के लिए एक ट्रक में बैठा दिया, लेकिन उसने ट्रक से छलांग लगा दी और फिर सड़क पर चल रहे भिक्षुओं के साथ लौट आया। बाद में बौद्ध भिक्षुओं ने उसका नाम अलोका रख दिया। अब अलोका बौद्ध भिक्षुओं की शांति और सद्भाव की इस यात्रा का अभिन्न हिस्सा बन गया है और अमेरिका में भी उसकी यात्रा जारी है। अलोका का द पीस डॉग नाम से अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी है। एक भिक्षु ने कहा कि वह पूरे समय हमारे साथ चला। वह एक सच्चा हीरो है। वह चलना चाहता था और यही बात हमें प्रेरित करती है।
अमेरिका के 10 राज्यों से होकर गुजरेगी यात्रा : अलोका अमेरिका के टेक्सास राज्य के फोर्ट वर्थ स्थित हुंग दाओ विपश्यना भवन में रहने वाले बौद्ध भिक्षुओं के साथ शांति यात्रा जारी रखे हुए है। अक्टूबर में 19 भिक्षुओं का यह समूह अपने साथी अलोका के साथ फोर्ट वर्थ से वॉशिंगटन डीसी तक 3,700 मील की पदयात्रा पर निकला। इस यात्रा का उद्देश्य लोगों में करुणा, शांति और एकता का संदेश फैलाना है। टेक्सास की प्रतिनिधि निकोल कॉलियर ने इस यात्रा को बेहद प्रेरणादायक बताया है। यह पदयात्रा करीब 110 दिनों में अमेरिका के 10 राज्यों से होकर गुजरेगी और फरवरी में वॉशिंगटन डीसी में समाप्त होगी। दिसंबर के अंत तक यह समूह अटलांटा तक पहुंच चुका था।
लोगों के लिए हीरो बन गया आलोका : अलोका भिक्षुओं की शांति यात्रा का अभिन्न हिस्सा बन गया है। यात्रा के दौरान उसका नियमित रूप से चेकअप होता है। लोग रास्ते में उसे प्यार और उपहार भी देते हैं। भारत में 'आवारा' कहा जाने वाला यह स्ट्रीट डॉग अब सबका चहेता है। भारतीय पैरिया नस्ल का डॉग अलोका सोशल मीडिया पर बहुत प्रसिद्ध हो गया है। उसके चाहने वालों की लंबी-चौड़ी फौज है। एक आवारा कुत्ते से शांति के प्रतीक बनने की उसकी कहानी लोगों को प्रभावित कर रही है। बता दें कि पीस वॉक शांति को बढ़ावा देने वाला एक मार्च है। इसका लक्ष्य न केवल अमेरिका, बल्कि पूरी दुनिया में शांति, दया और करुणा का संदेश फैलाना।
Edited By: Navin Rangiyal