Publish Date: Fri, 20 Feb 2026 (14:06 IST)
Updated Date: Fri, 20 Feb 2026 (14:17 IST)
हैदराबाद : अगर आप सोचते हैं कि रेस्टोरेंट में सिर्फ खाना परोसा जा रहा है, तो आप गलत हैं। हैदराबाद के एक बिरयानी रेस्टोरेंट में हुई मामूली जांच ने भारत के अब तक के सबसे बड़े टैक्स स्कैम में से एक का पर्दाफाश कर दिया है। 70,000 करोड़ रुपये की यह कर चोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
कैसे पकड़ी गई चोरी? (The Modus Operandi)
जांच में सामने आया कि रेस्टोरेंट मालिक एक खास किस्म के बिलिंग सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे थे। यह सॉफ्टवेयर सिर्फ बिल नहीं बनाता था, बल्कि टैक्स चोरी का जरिया भी था।
डेटा का खेल: अधिकारियों ने AI की मदद से 1.77 लाख रेस्टोरेंट्स के 60 टेराबाइट डेटा को खंगाला।
गायब होते बिल: जैसे ही ग्राहक नकद भुगतान करता, सॉफ्टवेयर बैकएंड से उस बिल को चुपचाप 'डिलीट' या 'एडिट' कर देता था।
रिकॉर्ड तोड़ चोरी: पूरे भारत में लगभग 13,000 करोड़ रुपये के बिल सिस्टम से पूरी तरह मिटा दिए गए थे।
कैश पेमेंट बना घोटाले का हथियार : घोटाले का सबसे शातिर तरीका था कैश ट्रांजेक्शन' को निशाना बनाना। रेस्टोरेंट मालिक अक्सर पूरे दिन या महीने के नकद बिलों को रिकॉर्ड से हटा देते थे, ताकि इनकम टैक्स और GST रिटर्न में कमाई को बहुत कम दिखाया जा सके।
आंकड़ों की जुबानी: तेलंगाना और आंध्र प्रदेश: 5,100 करोड़ की सेल छिपाई गई।
फिजिकल वेरिफिकेशन: सिर्फ 40 रेस्टोरेंट्स की जांच में 400 करोड़ का अंतर मिला।
कौन से राज्य रहे सबसे आगे?
इस टैक्स चोरी की लिस्ट में कर्नाटक नंबर वन पर रहा। इसके बाद तेलंगाना और तमिलनाडु का स्थान है। जांच अधिकारियों का अनुमान है कि रेस्टोरेंट्स अपनी कुल बिक्री का लगभग 25% हिस्सा सरकार की नजरों से छिपा रहे थे।
यह तो बस शुरुआत है। अधिकारियों को शक है कि बाजार में मौजूद अन्य बिलिंग सॉफ़्टवेयर भी इसी तरह के फीचर्स के साथ आ रहे हैं। अब यह जांच पूरे भारत में फैल चुकी है और आने वाले दिनों में कई बड़े फूड चेन और दिग्गज रेस्टोरेंट्स पर गाज गिर सकती है।
Edited By: Naveen R Rangiyal