कुत्तों के खिलाफ बर्बरता से देशभर में हजारों स्टूडेंट में आक्रोश, IIT- मेडिकल समेत कई कॉलेजों में प्रदर्शन, भेज रहे पिटीशन
आईआईटी के 110 छात्रों ने स्ट्रे डॉग्स के लिए सुप्रीम कोर्ट को भेजी लेटर पिटीशन, अब तक 1500 पिटीशन सुप्रीम कोर्ट पहुंची
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूल कॉलेज अस्पताल और बस स्टैंड जैसे स्थानों से स्ट्रे डॉग्स को हटाने के आदेश के खिलाफ शनिवार को इंदौर से 1500 लेटर पिटिशन सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजी गई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कॉलेज शामिल है, इसके बावजूद इंदौर के आईआईटी और एमजीएम मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने भी सुप्रीम कोर्ट को लेटर पिटीशन भेजी हैं। इसके लिए आज जीपीओ पर शहर के पशु प्रेमी जमा हुए थे। जीपीओ के अलावा अन्य पोस्ट ऑफिस से भी यह पिटीशन भेजी गई हैं।
बता दें कि देशभर में शैक्षणिक संस्थानों के स्टूडेंट बेजुआन जानवरों के लिए आवाज बन रहे हैं। जिस तरह से कुत्तों को हटाया जा रहा है, स्टूडेंट में आक्रोश है और इस अमानवीय क्रूरता के खिलाफ कई शहरों से पिटीशन दाखिल किए जा रहे हैं।
कुत्तों को क्यों उठाया जा रहा : पीपल फॉर एनिमल की प्रियांशु जैन ने बताया कि आज देश भर से स्ट्रीट डॉग्स के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लेटर पिटीशन भेजी गई हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी ठीक पालन नहीं हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट नेकुत्तों को शेल्टर में रखने के लिए एनिमल वेलफेयर बोर्ड से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर बनाने को कहा है, जिसके लिए एनिमल वेलफेयर बोर्ड को चार सप्ताह का समय दिया है। अब तक सोप तैयार नहीं हुई है, लेकिन इसके बाद भी कुत्तों को उठाया जा रहा है और उन्हें उन स्थानों से भी उठाया जा रहा है जिसका उल्लेख सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऑर्डर में नहीं किया है। कुल मिलाकर इंदौर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन होने की बजाय उसकी अवमानना हो रही है।
अभी कई पिटीशन जाएंगे : नीडी टेल फाउंडेशन के कार्तिक तंवर ने बताया कि अब तक जितने लेटर पिटीशन जा चुके हैं, उसके अलावा लगभग इतने ही और जाएंगे, क्योंकि कई लोग आज पिटीशन नहीं भेज पाए हैं तो वह सोमवार और मंगलवार को पिटीशन भेजेंगे।
देश में कई शैक्षणिक संस्थान गुस्से में : बता दें कि आईआईटी इंदौर के 110 छात्रों, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के 50 स्टूडेंट्स ने लेटर पिटीशन भेजे हैं। इसके अलावा टाटा मोटर्स की तरफ से भी 20 लेटर भेजे गए हैं। खास बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों से कुत्तों को हटाने की बात कही है, लेकिन, देशभर में कई स्थानों पर शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों ने इसका विरोध किया है, जिसमें आईआईटी मुंबई भी शामिल है। इसके अलावा जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में तो छात्रों ने प्रदर्शन ही कर दिया। छात्रों के गुस्से को देखते हुए प्रबंधन ने कुत्तों को कैंपस से बाहर करने का इरादा छोड़ दिया है। देशभर में 200 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थान इस तरह के पत्र जारी कर चुके हैं कि वह अपने कैंपस से कुत्तों को नहीं हटाना चाहते हैं।
क्या है लेटर पिटीशन : यह सुप्रीम कोर्ट को भेजा गया एक साधारण चिट्ठी-पत्र है, जिसमें कोई भी व्यक्ति बिना कोर्ट फीस, बिना वकील, बिना फॉर्म भरे अपनी या समाज की कोई बड़ी परेशानी लिखकर भेजता है। अगर कोर्ट को लगा कि बात गंभीर है और सच है, तो वो उस चिट्ठी को खुद एक मुकदमा (केस) बना लेता है और सुनवाई शुरू कर देता है।
Edited By: Navin Rangiyal