India EU Trade Deal : 4 अरब यूरो की मिलेगी राहत, भारत-EU के बीच ऐतिहासिक व्यापारिक समझौता, किन वस्तुओं पर होगा फायदा
यूरोपीय संघ अगले 7 वर्षों में 99.5% व्यापारिक वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करेगा। इसमें भारतीय समुद्री उत्पाद, चमड़ा, कपड़ा, रसायन, रबर और रत्न-आभूषणों पर शुल्क शून्य कर दिया जाएगा।
india eu fta mother of all deals 2026 : यूरोपीय संघ (EU) की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मंगलवार को भारत के साथ हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते का स्वागत करते हुए इसे 'सभी सौदों की जननी' (Mother of all deals) करार दिया। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं ईयू प्रमुख ने कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों के बीच साझेदारी के एक नए अध्याय की शुरुआत है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ एक संयुक्त बयान जारी करते हुए उर्सुला ने कहा कि प्रधानमंत्री और मेरे प्रिय मित्र, हमने कर दिखाया। हमने सभी सौदों की जननी (मदर ऑफ ऑल डील्स) को अंजाम दे दिया है। उन्होंने भारत और यूरोपीय संघ को दो ऐसे दिग्गजों के रूप में वर्णित किया जिन्होंने एक ऐसी साझेदारी चुनी है जिसमें दोनों की जीत है।
आंकड़ों में भारत-यूरोपीय संघ व्यापार
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और ईयू के बीच द्विपक्षीय व्यापार 190 अरब डॉलर के पार पहुंच गया। कानूनी जांच के बाद इस समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर होने में लगभग छह महीने का समय लगेगा। बता दें कि इस समझौते के लिए बातचीत 2007 में शुरू हुई थी, जो लंबे अंतराल के बाद जून 2022 में फिर से शुरू की गई थी।
व्यापार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा उछाल
इस समझौते से लगभग 4 अरब यूरो के टैरिफ (सीमा शुल्क) में कटौती होने की उम्मीद है, जिससे दोनों पक्षों के व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और वैश्विक सप्लाई चेन मजबूत होगी। ईयू प्रमुख के अनुसार, यह समझौता भारत के कौशल और पैमाने (Scale) को यूरोप की तकनीक और पूंजी के साथ जोड़ता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि जब व्यापार को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है तब यह समझौता एक-दूसरे पर रणनीतिक निर्भरता को कम करेगा।
गणतंत्र दिवस का अनुभव और भारत का उदय
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत के आतिथ्य सत्कार के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा बनना उनके लिए जीवन भर की याद बन गया है। उन्होंने कहा कि भारत का उदय दुनिया के लिए सकारात्मक है। जब भारत सफल होता है, तो दुनिया अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित होती है।
FTA पर क्या बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को "भारत के इतिहास का सबसे बड़ा एफटीए" करार दिया। उन्होंने कहा कि 27 जनवरी को भारत ने 27 यूरोपीय देशों के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो साझा समृद्धि का ब्लूप्रिंट है। उन्होंने कहा कि यह समझौता वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 25% और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा कवर करता है। यह सिर्फ व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि लोकतंत्र और कानून के शासन के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता है। इससे टेक्सटाइल, लेदर और जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे घरेलू क्षेत्रों को सीधा फायदा होगा। Edited by : Sudhir Sharma