Publish Date: Wed, 27 May 2026 (16:54 IST)
Updated Date: Wed, 27 May 2026 (18:32 IST)
मोदी सरकार ने बॉर्डर राज्यों में जनसंख्या असंतुलन पर एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। इससे पहले SIR के खौफ से भी सैकड़ों बांग्लादेशी बंगाल छोड़ चुके हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की सीमाओं से 15 किलोमीटर के दायरे में बने अवैध निर्माणों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के लिए सख्त कार्रवाई करने को कहा है।
गृह मंत्रालय ने सीमा क्षेत्रों में जिला मजिस्ट्रेटों की जिम्मेदारियां भी बढ़ा दी हैं। अधिकारियों के अनुसार अब जिला प्रशासन बैंकों के वित्तीय लेन-देन की निगरानी, बड़े कारोबारी प्रतिष्ठानों की जांच, फंडिंग स्रोतों का सत्यापन, फर्जी कंपनियों और म्यूल अकाउंट्स की पहचान, नकली आधार कार्डों की जांच तथा सीमा पार तस्करी पर नियंत्रण सुनिश्चित करेगा।
अवैध प्रवासन के कारण होने वाले जनसांख्यिकीय परिवर्तन केवल सीमावर्ती क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका प्रभाव अब विस्तृत हो गया है, जो 'शहरी केंद्रों, औद्योगिक गलियारों, जनजातीय क्षेत्रों और अन्य सामाजिक एवं आर्थिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है।'
भारत सरकार ने अवैध घुसपैठ और अन्य असामान्य कारणों से देश में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों का अध्ययन करने तथा उनसे निपटने के उपाय सुझाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को 'हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन' की घोषणा की थी, जिसे 11 सितंबर 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली थी।
कैसे काम करेगी कमेटी
सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नवलेकर को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में जनगणना आयुक्त के अलावा पूर्व आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, पूर्व आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव और अर्थशास्त्री डॉ. शामिका रवि सदस्य होंगे। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (फॉरेनर्स-I) समिति के सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। समिति को एक वर्ष के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। आवश्यकता पड़ने पर गृह मंत्रालय इसके कार्यकाल को 6 महीने तक बढ़ा सकता है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि अवैध घुसपैठ और अन्य कारणों से होने वाला 'असामान्य जनसांख्यिकीय परिवर्तन' किसी भी राष्ट्र के वर्तमान और भविष्य के लिए बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल देश की संप्रभुता ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, सामाजिक संरचना में बदलाव और जनजातीय समाजों की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
गृह मंत्री ने बताया कि समिति देशभर में अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से हो रहे जनसंख्या परिवर्तनों का व्यापक अध्ययन करेगी। इसके तहत धार्मिक और सामाजिक समुदायों के स्तर पर हो रहे असामान्य जनसंख्या बदलावों का विश्लेषण किया जाएगा और इस समस्या के समाधान के लिए समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित सुझाव दिए जाएंगे।
समिति का उद्देश्य अवैध घुसपैठ सहित जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से उत्पन्न चुनौतियों पर व्यापक विचार-विमर्श करना है। यह समिति सीमा पार गतिविधियों, आर्थिक अवसरों और सामाजिक-पर्यावरणीय कारणों का अध्ययन करेगी। साथ ही अवैध प्रवास, असामान्य बसावट और संगठित माइग्रेशन जैसे कारकों की पहचान भी करेगी।
समिति उन क्षेत्रों में धार्मिक और सामाजिक समुदायों के जनसंख्या ढांचे में हो रहे बदलावों का विश्लेषण करेगी, जहां ये परिवर्तन सामान्य राष्ट्रीय रुझानों से अलग दिखाई देते हैं। इसके अलावा, देश में रह रहे अवैध प्रवासियों की कानूनी, निष्पक्ष और समयबद्ध पहचान, हिरासत और निर्वासन के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने की सिफारिश भी करेगी।
समिति सीमा प्रबंधन, जनसंख्या स्थिरीकरण और पहचान प्रणालियों को मजबूत करने के लिए संस्थागत ढांचे का सुझाव देगी। साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों के बीच अवैध घुसपैठ और उससे पैदा होने वाले जनसांख्यिकीय असंतुलन के मुद्दों पर बेहतर समन्वय के लिए व्यापक नीति ढांचा तैयार करने की सिफारिश भी करेगी। Edited by : Sudhir Sharma
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