Publish Date: Fri, 13 Mar 2026 (16:25 IST)
Updated Date: Fri, 13 Mar 2026 (16:26 IST)
पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी युद्ध की लपटें अब भारत की रसोई तक पहुंचती दिख रही हैं। एक तरफ केंद्र सरकार संसद में "ऑल इज वेल" का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर देश के बड़े राज्यों से आ रही खबरें एक अलग ही संकट की कहानी बयां कर रही हैं। गैस सिलेंडर की बुकिंग के बावजूद डिलीवरी न मिलना और ऑनलाइन सेवाओं का ठप होना आम आदमी की चिंता बढ़ा रहा है।
सरकार का पक्ष: "संकट नहीं, केवल रश-बुकिंग का दबाव" लोकसभा में गुरुवार को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े पेश किए:
उत्पादन में वृद्धि: पिछले पांच दिनों में एलपीजी उत्पादन में 28% का इजाफा किया गया है।
डिलीवरी टाइम: सरकार के अनुसार, बुकिंग से डिलीवरी का औसत समय अभी भी 2.5 दिन ही है।
नए नियम: कालाबाजारी रोकने के लिए अब 90% उपभोक्ताओं के लिए 'ओटीपी' (DAC) अनिवार्य कर दिया गया है।
बुकिंग अंतराल: घबराहट में की जा रही बुकिंग को रोकने के लिए शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का न्यूनतम अंतराल लागू किया गया है।
जमीनी हकीकत: इंडक्शन कुकटॉप की मची लूट भले ही सरकार इसे 'अनावश्यक दहशत' कह रही हो, लेकिन बाजारों का डेटा कुछ और ही इशारा कर रहा है। रसोई गैस की अनिश्चितता के डर से लोगों ने तेजी से इंडक्शन कुकटॉप (Induction Cooktop) का रुख किया है।
क्विक कॉमर्स पर किल्लत: गुरुवार (12 मार्च) तक दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई जैसे शहरों में Zepto और Swiggy Instamart पर प्रमुख ब्रांड्स के इंडक्शन कुकटॉप 'आउट ऑफ स्टॉक' हो गए।
बिक्री में 300% का उछाल: फ्लिपकार्ट के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 4-5 दिनों में इंडक्शन की बिक्री 3 गुना बढ़ गई है। विशेषकर उत्तर प्रदेश, दिल्ली और कोलकाता में मांग सबसे तीव्र है।
कालाबाजारी पर 'स्ट्राइक' की तैयारी : खाड़ी देशों के संकट को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के लिए एडवाइजरी जारी की है। राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे एलपीजी गोदामों की सुरक्षा बढ़ाएं और गैस की जमाखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें। खुफिया इनपुट हैं कि कुछ असामाजिक तत्व इस संकट का फायदा उठाकर कीमतों में हेरफेर की फिराक में हैं।
क्षेत्रीय विशेषज्ञों की राय: क्या करें उपभोक्ता?
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान स्थिति 'आपूर्ति की कमी' से ज्यादा 'आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) के डर' की है।
घबराएं नहीं: रश-बुकिंग से सिस्टम पर बोझ बढ़ता है, जिससे वास्तव में जरूरतमंदों को देरी होती है।
वैकल्पिक ऊर्जा: इंडक्शन का बढ़ता उपयोग एक अच्छा बैकअप है, लेकिन इसे पैनिक में खरीदने के बजाय सोच-समझकर खरीदें।
डिजिटल सुरक्षा: अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर को सक्रिय रखें, क्योंकि बिना ओटीपी (DAC) के अब सिलेंडर मिलना मुश्किल होगा।
प्रधानमंत्री का संदेश: पीएम मोदी ने "अनावश्यक दहशत" फैलाने वालों को आगाह किया है। उन्होंने माना कि पश्चिम एशिया संकट का असर वैश्विक है, लेकिन भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
About Writer
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।....
और पढ़ें