Publish Date: Fri, 27 Mar 2026 (19:01 IST)
Updated Date: Fri, 27 Mar 2026 (19:16 IST)
DAC Approves Defence Deals : ईरान-इसराइल-अमेरिका यु़द्ध के बीच मोदी सरकार ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लिया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में करीब 2.38 लाख करोड़ रुपए के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इसमें आर्मी, एयरफोर्स और कोस्ट गार्ड के लिए कई अहम सिस्टम और प्लेटफॉर्म शामिल हैं। भारतीय सेना के लिए एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम, आर्मर पियर्सिंग टैंक गोला-बारूद, हाई कैपेसिटी रेडियो रिले, धनुष गन सिस्टम और रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम को मंजूरी मिली है। इससे भारत की सैन्य ताकत में और ज्यादा इजाफा होगा।
ईरान-इसराइल-अमेरिका यु़द्ध के बीच मोदी सरकार ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लिया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में करीब 2.38 लाख करोड़ रुपए के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इसमें आर्मी, एयरफोर्स और कोस्ट गार्ड के लिए कई अहम सिस्टम और प्लेटफॉर्म शामिल हैं। भारतीय सेना के लिए एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम, आर्मर पियर्सिंग टैंक गोला-बारूद, हाई कैपेसिटी रेडियो रिले, धनुष गन सिस्टम और रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम को मंजूरी मिली है।
अब तक 6.73 लाख करोड़ रुपए के 55 प्रस्तावों को मंजूरी
भारतीय रक्षा तैयारियों को अभूतपूर्व मजबूती देते हुए वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) अब तक 55 प्रस्तावों को मंजूरी दे चुका है, जिनकी कुल लागत 6.73 लाख करोड़ रुपए है। जो किसी भी एक साल में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। इसी दौरान 503 डिफेंस डील भी साइन की गई हैं, जिनकी कीमत 2.28 लाख करोड़ रुपए है।
टैंक रोधी हथियारों की बढ़ेगी क्षमता
'धनुष गन सिस्टम' से तोपखाने की क्षमता बढ़ेगी और सभी क्षेत्रों में लंबी दूरी के लक्ष्यों को अधिक प्रभावी और सटीक ढंग से निशाना बनाया जा सकेगा। 'रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम' सैन्य इकाइयों को निगरानी की क्षमता देगा और 'आर्मर्ड पियर्सिंग टैंक एम्यूनिशन' टैंक रोधी हथियारों की क्षमता को बढ़ाएगा। लंबी दूरी तक सटीक निशाना साधने वाली इस स्वदेशी तोप के आने से आर्टिलरी की मारक क्षमता और घातकता कई गुना बढ़ जाएगी।
दुश्मन के हवाई खतरों को तुरंत भांपा जा सकेगा
भारतीय सेना के लिए इस डील में अत्याधुनिक मारक और संचार प्रणालियों पर जोर दिया गया है। एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम सेना को रीयल-टाइम एयर डिफेंस कंट्रोल और रिपोर्टिंग की शक्ति प्रदान करेगा जिससे दुश्मन के हवाई खतरों को तुरंत भांपा जा सकेगा। रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम के जरिए दुर्गम इलाकों में बिना हवाई पट्टी के ड्रोन उड़ाए जा सकेंगे।
S-400 के नए प्रस्तावों को मंजूरी
दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलों और विमानों को हवा में ही ध्वस्त करने के लिए S-400 के नए प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। एस-400 प्रणाली दुश्मन के लंबी दूरी के हवाई हमलों को रोकने में मदद करेगी, जबकि दूर से नियंत्रित हमलावर विमान हमले और समन्वित हवाई संचालन करने के साथ-साथ गुप्त खुफिया, निगरानी और पहचान कार्यों में सक्षम होगा।
एयरलिफ्ट ऑपरेशन को मिलेगी मजबूती
पुराने हो रहे AN-32 और IL-76 विमानों की जगह अब नए मध्यम परिवहन विमान लेंगे जिससे सेना की लॉजिस्टिक क्षमता और रणनीतिक एयरलिफ्ट ऑपरेशन को मजबूती मिलेगी। यह कदम भारतीय सेना की आधुनिक युद्ध क्षमताओं को मजबूत करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को और प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया है।
Edited By : Chetan Gour
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
Publish Date: Fri, 27 Mar 2026 (19:01 IST)
Updated Date: Fri, 27 Mar 2026 (19:16 IST)