भारतीय राजनीति के इतिहास में कई ऐसे काले पन्ने हैं जब देश ने अपने चमकते सितारों को आसमान की गहराइयों में खो दिया। हाल ही में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बारामती में विमान हादसे में हुई मौत ने एक बार फिर उन पुराने जख्मों को ताजा कर दिया है।
1. अजित पवार (जनवरी 2026)
महाराष्ट्र की राजनीति का एक बड़ा चेहरा और उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन 28 जनवरी 2026 को एक चार्टर्ड विमान हादसे में हुआ। यह विमान बारामती में लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया, जिसमें सवार सभी 5 लोगों की जान चली गई।
2. विजय रूपाणी (जून 2025)
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का निधन साल 2025 में एक भीषण विमान हादसे में हुआ। वह एयर इंडिया के उस विमान में सवार थे जो अहमदाबाद से लंदन जा रहा था और उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही क्रैश हो गया।
इतिहास के वे बड़े हादसे जिन्होंने सबको चौंकाया
हवाई दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले नेताओं की सूची काफी लंबी और दुखद है:
संजय गांधी (1980): पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी की मौत दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट के पास एक ग्लाइडर विमान उड़ाते समय हुई थी।
माधवराव सिंधिया (2001): कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री माधवराव सिंधिया की मौत यूपी के मैनपुरी में एक चार्टर्ड प्लेन क्रैश में हुई थी।
वाईएस राजशेखर रेड्डी (2009): आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएसआर का हेलीकॉप्टर नल्लामलाई के जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
जीएमसी बालयोगी (2002): लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष बालयोगी की मृत्यु आंध्र प्रदेश में एक हेलीकॉप्टर क्रैश के दौरान हुई थी।
ओपी जिंदल और सुरेंद्र सिंह (2005): प्रसिद्ध उद्योगपति और हरियाणा के मंत्री ओपी जिंदल की जान भी हेलीकॉप्टर हादसे में गई थी।
रक्षा जगत को लगा था बड़ा सदमा
राजनीति के अलावा भारत ने अपने पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत को भी 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए एक हेलीकॉप्टर हादसे में खो दिया था। इस हादसे में उनकी पत्नी समेत 13 अन्य लोगों का भी निधन हुआ था।
इन हादसों की मुख्य वजहें
रिपोर्टों के अनुसार, अधिकांश हादसे खराब मौसम, तकनीकी खराबी या मानवीय भूल (Human error) के कारण हुए हैं। इन घटनाओं ने न केवल परिवारों को उजाड़ा, बल्कि देश की राजनीतिक दिशा भी बदल दी।