सुरक्षाबलों ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। मीडिया खबरों के मुताबिक 35 घंटे से जारी मुठभेड़ में अब तक 21 नक्सली मौत के घाट उतारे जा चुके हैं। गुरुवार को 15 की मौत की पुष्टि के बाद शुक्रवार को 6 और शव बरामद किए गए हैं। झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) की कोबरा 209 बटालियन ने एक गुप्त सूचना के आधार पर किरीबुरु थाना क्षेत्र के कुमडी इलाके में ऑपरेशन मेघाबुरु शुरू किया था। तड़के सुबह जब जवानों ने इलाके की घेराबंदी की, तो खुद को घिरा देख नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
चुनौतियों के बीच चला ऑपरेशन
सारंडा का इलाका बेहद दुर्गम है। घने जंगल, खराब नेटवर्क कनेक्टिविटी और जगह-जगह बिछाए गए आईईडी (IED) के कारण यह ऑपरेशन काफी जोखिम भरा था। मारे गए अन्य नक्सलियों की पहचान करने की प्रक्रिया अभी जारी है। झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में सारंडा के घने जंगलों में दो दर्जन नक्सलियों के साथ पतिराम मांझी उर्फ अनल दा को घेर लिया गया था।
सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन में इन्हें घेर लिया। नक्सलियों की ओर से फायरिंग के बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई से खलबली मचा दी। 2.35 करोड़ रुपए के इनाम वाला अनल दा भी मारा गया। उस पर झारखंड सरकार ने एक करोड़ रुपए, ओडिशा सरकार ने 1.2 करोड़ रुपए और नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) ने 15 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था।
नक्सलियों की कमर टूटी
अनल दा माओवादियों के मिलिट्री कमीशन का प्रमुख भी था। हाल के सालों में कोल्हान के सारंडा जंगली क्षेत्र में माओवादियों की ओर से सुरक्षाबलों पर किए गए बड़े हमलों में अनल की भूमिका अहम थी। मारे गए नक्सलियों में 25 लाख का इनामी सैक कमांडर अनमोल उर्फ सुशांत भी है। Edited by : Sudhir Sharma