Publish Date: Mon, 01 Jun 2026 (16:30 IST)
Updated Date: Mon, 01 Jun 2026 (16:36 IST)
कहते हैं आप अपने काम में मेहनत, लगन और समर्पण जारी रखिए, पता नहीं कब सफलता के शिखर पर पहुंच जाएं। ऐसी कहानी है कलिता माझी की, जो पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार में मंत्री बनी हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के प्रमुख चेहरों में कालिता माझी का नाम शामिल रहा।
सिर्फ 4,000 रुपए प्रतिमाह की आय पर घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली कालिता माझी ने सोमवार को मंत्री पद की शपथ लेकर एक नई पहचान हासिल कर ली। उनका यह सफर संघर्ष, मेहनत और राजनीतिक समर्पण की प्रेरणादायक कहानी है। उनकी नियुक्ति जमीनी स्तर के नेताओं को आगे बढ़ाने की भाजपा की रणनीति को भी दर्शाती है। उन्होंने वर्षों तक घरेलू कामकाज और राजनीतिक गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखा और लगातार जनसेवा से जुड़ी रहीं।
पूर्व बर्दवान जिले की आउसग्राम विधानसभा सीट से भाजपा ने उन्हें दूसरी बार उम्मीदवार बनाया था। पार्टी का यह दांव सफल रहा और 37 वर्षीय कालिता ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) उम्मीदवार श्यामा प्रसन्न लोहार को 12,535 मतों से हराकर जीत दर्ज की।
मंत्री बनने के बाद कालिता माझी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर विश्वास जताया और उन्होंने इस जीत को उन्हें समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य पिछड़े वर्गों के विकास, बेहतर सड़क और पेयजल सुविधाएं उपलब्ध कराना होगा। इसके अलावा युवाओं के विकास और महिलाओं की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कालिता माझी पूर्व बर्दवान जिले के गुसकरा नगरपालिका के वार्ड नंबर-3 स्थित माझपुकुर पाड़ा की निवासी हैं। उनके पति सुभ्रत माझी पेशे से प्लंबर हैं, जबकि उनका बेटा हाल ही में 12वीं की परीक्षा दे चुका है। राजनीति में एक दशक से अधिक समय से सक्रिय कालिता की किस्मत तब बदली जब भाजपा ने उन्हें 2021 के विधानसभा चुनाव में आउसग्राम सीट से टिकट दिया। उस चुनाव में वह दूसरे स्थान पर रहीं, लेकिन 2026 के चुनाव में उन्होंने शानदार जीत दर्ज की। इस बार उन्हें 1,07,692 वोट मिले।
प्रचार के लिए काम से ली थी छुट्टी
कालिता ने बताया कि चुनाव प्रचार के लिए उन्होंने एक महीने तक घरेलू काम से छुट्टी ली थी। जिन परिवारों के यहां वह वर्षों तक काम करती रहीं, उन्होंने हमेशा उनका साथ दिया और उनकी जीत पर बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू सहायिका के रूप में काम करने के दौरान उन्हें आम लोगों और गरीब परिवारों की समस्याओं को करीब से समझने का मौका मिला।
अब उनका लक्ष्य अपने क्षेत्र में अस्पताल का निर्माण कराना है, ताकि लोगों को इलाज के लिए बर्दवान शहर तक न जाना पड़े। कालिता माझी ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने, बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। Edited by : Sudhir Sharma
About Writer
वेबदुनिया न्यूज़ टीम
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।....
और पढ़ें