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ईरान की मदद को आगे आए कश्‍मीरी, नोटों का ढेर लगाया, सोना-चांदी का भी दान

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Jammu Kashmir News
Jammu Kashmir Budgam News: जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद पैसे दान किए हैं। यह सब ऐसे समय में किया जा रहा है। जब मिडिल ईस्ट में तनाव तेजी से बढ़ता जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में लोग एक जगह इकट्ठा हुए और जरूरतमंदों की मदद के लिए अपनी तरफ से योगदान दिया।
 
जम्मू-कश्मीर के बडगाम में स्थानीय लोगों और विधायक‍ मुंतजिर मेहदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ईरान के प्रति एकजुटता दिखाई है। इस दौरान लोगों ने सोना, चांदी, नकद और अपना एक महीने का वेतन ईरान के लिए दान किया है। यह दान खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और मानवीय जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जा रहा है।

विधायक ने दिया एक माह का वेतन

इस दौरान बडगाम के एमएलए मुंतजिर मेहदी ने भी ऐलान किया कि वे अपनी एक महीने की सैलरी राहत कार्यों के लिए देंगे। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में वे ईरान के लोगों के साथ खड़े हैं और इंसानियत सबसे जरूरी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके अपना समर्थन जताया है। जबकि, भारत में ईरानी दूतावास ने कश्मीर के लोगों का उनकी एकजुटता और मानवीय सहयोग के लिए तहे दिल से शुक्रिया अदा किया है।

क्या कहा भारत में ईरानी दूतावास ने

एक्‍स पर एक पोस्ट में, भारत में ईरानी दूतावास ने लिखा कि दिल में कृतज्ञता लिए, हम कश्मीर के नेक लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं कि वे अपने मानवीय सहयोग और सच्ची एकजुटता के जरिए ईरान के लोगों के साथ खड़े रहे, इस नेकी को कभी भुलाया नहीं जाएगा। शुक्रिया, भारत। दूतावास ने एक कश्मीरी महिला का वीडियो भी पोस्ट किया, जिसने ईरान के प्रति अपना प्यार और समर्थन दिखाते हुए, अपने दिवंगत पति की निशानी के तौर पर रखा सोना दान कर दिया।

शुक्रिया कश्मीर, शुक्रिया भारत

पोस्‍ट में लिखा है कि कश्मीर की एक सम्मानित बहन ने, ईरान के लोगों के लिए प्यार और एकजुटता से भरे दिल के साथ, अपने पति की निशानी के तौर पर रखा सोना दान कर दिया, उनके पति का 28 साल पहले निधन हो गया था। आपके आंसू और सच्ची भावनाएं ईरान के लोगों के लिए सबसे बड़ा सहारा हैं और इन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा। शुक्रिया कश्मीर। शुक्रिया भारत।

एक्‍स पर एक और पोस्ट में, दूतावास ने कश्मीरी बच्चों की भी सराहना की, जिन्होंने अपनी बचत को तोहफे के तौर पर पेश किया, दूतावास ने कहा कि उनकी नेकी और भावनाएं ईरान के लिए बहुत बड़ी राहत हैं। यहां तक कि कश्मीरी बच्चे भी अपनी गुल्लकें ईरान को तोहफे के तौर पर दे रहे हैं। भगवान आप पर कृपा करे।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
 

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