Mallikarjun Kharge on Vande Matram : कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि महात्मा गांधी जी ने जब 1921 में 'असहयोग आंदोलन' छेड़ा, तब लाखों कांग्रेस के कार्यकर्ता, स्वतंत्रता सेनानी- भारत माता की जय, महात्मा गांधी जी की जय का नारा लगाते हुए जेल जा रहे थे। जबकि उसी समय आपके (RSS-BJP) लोग अंग्रेजों की नौकरी कर रहे थे। आज आप हमें देशभक्ति सिखा रहे हैं।
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राज्यसभा में नेता-प्रतिपक्ष ने कहा कि वंदे मातरम गीत भारत के सार्वजनिक जीवन में तब प्रवेश करता है, जब गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर ने 1986 कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में पहली बार इसे गाया था। जिसका जिक्र हमारे गृह मंत्री ने किया। लेकिन इसकी पृष्ठभूमि क्या थी, वह नहीं बताई। जो चीज उन्हें अच्छी लगती है कांग्रेस को टोकने के लिए, हमारे नेताओं का अपमान करने के लिए जो बोलना है, वही कट पेस्ट करके बोलते हैं, दूसरा नहीं बोलते, यह आदत है। लेकिन क्या कर सकते हैं, वह आदत से मजबूर हैं।
खरगे ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी का भाषण सुना, उन्होंने नेहरू जी पर आरोप लगाते हुए कहा- 1937 में नेहरू जी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने मूल 'वंदे मातरम' गीत से महत्वपूर्ण पद हटा दिए थे। आज भाजपा के लोग ऐसी बातें कर रहे हैं। लेकिन जब भाजपा के पुरखे श्यामा प्रसाद मुखर्जी, मुस्लिम लीग के साथ बंगाल में सरकार चला रहे थे, तब आपकी देशभक्ति कहां थी? भाजपा को अपना इतिहास पढ़ना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि वे जवाहर लाल नेहरू और कांग्रेस के अन्य नेताओं को अपमानित करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। आप नेहरू जी के नाम को नीचा करना चाहते हैं पर वो सबसे ऊंचे हैं और ऊंचे ही रहेंगे और आप नीचे हैं और नीचे ही रहेंगे।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मैं सौभाग्यशाली हूं और यह गीत में 60 साल से गा रहा हूं। मैंने 55 साल तो इसी (संसद) में गुजारे, सांसद रहा। इसलिए मुझे तो वंदे मातरम गाने की पहले से ही आदत हो गई है। लेकिन जो वंदे मातरम नहीं गाने वाले (लोग) हैं, उन्होंने अब शुरू किया है। उनके लिए मैं धन्यवाद अर्पित करता हूं। ये तो वंदे मातरम की ताकत है।
edited by : Nrapendra Gupta