China Border Dispute: देश में आर्थिक असमानता, सामाजिक ध्रुवीकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने संसद में केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया। लद्दाख में चीन द्वारा भारतीय जमीन पर कथित कब्जे से लेकर, देश के भीतर बढ़ती 'बुलडोजर संस्कृति' और गिरती अर्थव्यवस्था के आंकड़ों तक, सरकार की 'सबका साथ-सबका विकास' नीति पर गंभीर सवाल उठाए। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।
चीन ने भारत की जमीन पर कब्जा किया
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने सदन में कहा कि चीन ने लद्दाख में लगभग 2000 वर्ग किलोमीटर किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है। लद्दाख के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए सिंह ने बताया कि कि 65 पेट्रोलिंग पॉइंट्स में से 26 पॉइंट्स पर अब चीन का कब्जा है, भारत पेट्रोलिंग नहीं कर पा रहा है। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के बयानों और राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी कटाक्ष किया गया है।
सामाजिक सौहार्द और 'बुलडोजर' राजनीति
सदन में चर्चा के दौरान दिग्विजय सिंह ने महात्मा गांधी के हत्यारे की विचारधारा और वर्तमान में फैल रही नफरत का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि 'सबका विश्वास' का नारा देने वाली सरकार में अल्पसंख्यकों, आदिवासियों और ईसाइयों को हाशिए पर धकेला जा रहा है। विशेष रूप से धर्म देखकर घरों पर बुलडोजर चलाने और उमर खालिद व शरजील इमाम जैसे कैदियों को बिना चार्जशीट 4 साल से जेल में रखने पर सवाल उठाए गए।
आर्थिक असमानता पर सरकार को घेरा
कांग्रेस नेता सिंह ने 'वर्ल्ड इक्विटी लैब' के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि भारत में आर्थिक खाई ब्रिटिश शासन से भी अधिक गहरी हो गई है। देश के 10% अमीरों के पास राष्ट्रीय आय का 58 फीसदी हिस्सा है। निचले स्तर पर 50% आबादी के पास महज 6.4 प्रतिशत संपत्ति है। उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट के मुकाबले आम आदमी ज्यादा टैक्स चुकाता है।
पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को लेकर भी दिग्विजय ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सोनम 100 दिन से जेल में हैं। वे लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग कर रहे, जिसका वादा स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने किया था। दिग्विजय ने कहा कि चुनावी वादे पूरे करने के बजाय शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को परेशान किया जा रहा है।
रोजगार और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए सिंह ने कहा कि 30 लाख सरकारी पद खाली हैं, उनमें 23 फीसदी बैकलॉग है। क्या यह पद भरे गए? सरकार पर कथनी और करनी में अंतर होने का आरोप लगाते हुए सिंह ने कहा कि नोटबंदी से आतंकवाद खत्म हो जाएगा, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन बढ़ेगा, लेकिन कैश ट्रांजेक्शन बढ़ा है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala