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LPG Crisis : सिलेंडर की जमाखोरी रोकने के लिए सरकार का बड़ा कदम, ESMA लागू

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lpg cylinder crisis in India
LPG Cylinder : एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) लागू किया है। सरकार ने घरेलू गैस सप्लाई को प्राथमिकता देने के साथ रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल, स्कूल और जरूरी संस्थानों को गैस की कमी से बचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। ALSO READ: देश में रसोई गैस की किल्लत, संकट में रेस्टोरेंट, गैस आधारित शवदाहगृह भी बंद
 
भारत सरकार ने पेट्रोलियम और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और नैचुरल गैस की उपलब्धता, सप्लाई और बराबर डिस्ट्रीब्यूशन को रेगुलेट करने के लिए एसेंशियल कमोडिटीज़ एक्ट, 1955 लागू किया।

बताया जा रहा है कि ईएसएमए लागू होने के बाद प्राथमिक सेक्टर्स को एलपीजी और अन्य ईंधन की सप्लाई में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। अस्पताल, स्कूल, सरकारी संस्थान और अन्य महत्वपूर्ण सेक्टरों को गैस की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
 
सरकार का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में एलपीजी सिलिंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी की घटनाओं में बढ़ोतरी की वजह से ईएसएमए लगाया गया है। इसके लागू होने आम जनता को राहत मिलेगी। ALSO READ: Pakistan Oil Crisis : तेल संकट से पाकिस्तान बेहाल, सरकारी गाड़ियों का ईंधन आधा, सांसदों की सैलरी में कटौती

ESMA क्या है?

आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) एक कानून है, जिसे जीवन-निर्वाह से जुड़ी महत्वपूर्ण सेवाओं की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। इसके तहत सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं, और अन्य आवश्यक सेवाओं को प्रभावित होने से रोकने के उपाय किए जाते हैं, ताकि आम जनता पर असर न पड़े।

LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश

भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'ईंधन आपूर्ति में मौजूदा भू-राजनीतिक बाधाओं और LPG की आपूर्ति पर रुकावटों को देखते हुए, मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को अधिक LPG उत्पादन करने और इस अधिक उत्पादन का उपयोग घरेलू LPG इस्तेमाल के लिए करने का निर्देश दिया है।
 

25 दिन का इंटर-बुकिंग पीरियड 

मंत्रालय ने घरों में घरेलू LPG सप्लाई को प्राथमिकता दी है और जमाखोरी से बचने के लिए 25 दिन का इंटर-बुकिंग पीरियड शुरू किया है। इंपोर्टेड LPG से नॉन-डोमेस्टिक सप्लाई को अस्पताल और शैक्षणिक संस्थान जैसे आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्र में प्राथमिकता दी जा रही है। दूसरे गैर-घरेलू क्षेत्र में LPG सप्लाई के लिए, रेस्टोरेंट/होटल/दूसरी इंडस्ट्री को LPG सप्लाई के लिए आए रिप्रेजेंटेशन को रिव्यू करने के लिए OMCs के तीन ED की एक कमेटी बनाई गई है।'
 
गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की एलपीजी खपत 3.13 करोड़ टन रही, जिसमें से केवल 1.28 करोड़ टन का उत्पादन घरेलू स्तर पर किया गया था और शेष की मात्रा आयात पर निर्भर थी।
edited by : Nrapendra Gupta

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