Publish Date: Sun, 17 May 2026 (16:02 IST)
Updated Date: Sun, 17 May 2026 (17:32 IST)
LPG ship arrives safely in India : पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। पश्चिम एशिया संकट के बीच कतर से 20000 टन तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर चला एक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गुजरात के कांडला स्थित दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण पहुंच गया है। मार्शल आइलैंड के ध्वज वाला पोत 'एमवी सिमी' कतर से रवाना हुआ था और 13 मई को होर्मुज पार करने के बाद शनिवार रात कांडला बंदरगाह पर पहुंचा। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खतरनाक रास्ते से गुजरकर आना जहाज के लिए आसान नहीं था।
पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। पश्चिम एशिया संकट के बीच कतर से 20000 टन तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर चला एक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गुजरात के कांडला स्थित दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण पहुंच गया है। मार्शल आइलैंड के ध्वज वाला पोत 'एमवी सिमी' कतर से रवाना हुआ था और 13 मई को होर्मुज पार करने के बाद शनिवार रात कांडला बंदरगाह पर पहुंचा।
IOC ने खरीदी 20 हजार टन LPG
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खतरनाक रास्ते से गुजरकर आना जहाज के लिए आसान नहीं था। पिछले करीब ढाई महीने से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण यह इलाका बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने कतर के रास लफ्फान टर्मिनल से करीब 20 हजार टन एलपीजी खरीदी थी। यही गैस लेकर जहाज भारत पहुंचा है। जहाज को रास्ते में कई सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
सुरक्षित रूप से निकाला गया 15वां जहाज
ओमान की खाड़ी के आसपास ईरानी नौसेना की सख्त निगरानी और अमेरिकी गतिविधियों के बीच जहाज की आवाजाही आसान नहीं थी। यह फारस की खाड़ी से भारत जा रहे एलपीजी जहाजों में से सुरक्षित रूप से निकाला गया 15वां जहाज था। एलपीजी की खेप ऐसे समय में आई है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरने वाले समुद्री यातायात पर पूरी दुनिया की नजर है।
भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क में है मंत्रालय
बंदरगाह और नौवहन मंत्रालय, नाविकों के कल्याण और समुद्री संचालन में कोई रुकावट न आए, यह सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अन्य पक्षों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय मिशन और पोस्ट इस क्षेत्र में रहने वाले भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में बदलती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है।
करीब 60 प्रतिशत रसोई गैस आयात करता है भारत
भारत अपनी करीब 60 प्रतिशत रसोई गैस जरूरत आयात से पूरी करता है। देश में पिछले साल 33.15 मिलियन टन एलपीजी की खपत हुई। इसमें से करीब 90 प्रतिशत गैस पश्चिम एशिया से आती है। इसी बीच सरकार ने भी साफ कहा है कि देश में गैस और ईंधन की कमी नहीं है और लोगों को घबराकर खरीदारी नहीं करनी चाहिए। एलपीजी संकट को देखते हुए मोदी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
Edited By : Chetan Gour
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