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CWC की बैठक में खरगे बोले, मोदी सरकार ने गरीबों की पीठ में छूरा घोंपा

SIR, बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले और नेशनल हेराल्ड मामले में क्या बोले खरगे?

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

नई दिल्ली , शनिवार, 27 दिसंबर 2025 (13:11 IST)
Mallikarjun Kharge in CWC Meet : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में मोदी सरकार पर उन्होंने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हाल में संसद के शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार ने नरेगा को समाप्त कर करोड़ों गरीबों और कमजोर तबके के लोगों को बेसहारा कर दिया है। गरीबों के पेट पर लात मारने के साथ उनकी पीठ में मोदी सरकार ने छूरा घोंपा है। मोदी सरकार को गरीबों की चिंता नहीं, बल्कि चंद बड़े पूंजीपतियों के मुनाफे की ही चिंता है
 
उन्होंने कहा कि आज ऐसे मौके पर विचार और भविष्य की रणनीति बनाने के लिए एकत्र हुए हैं, जब देश में लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के अधिकारों पर चारों तरफ गंभीर संकट छाया है। मनरेगा को समाप्त करना, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान है। मुझे दुख है कि मोदी सरकार ने राइट टू वर्क पर सुनियोजित और क्रूर हमला किया है।
 
उन्होंने कहा कि मनरेगा UPA सरकार का ऐसा दूरदर्शी कदम है जिसे पूरे विश्व ने सराहा। जब मैं लेबर मिनिस्टर था तो मैं G-20 देशों के ILO सम्मेलनों में जाता था, तो दूसरे देशों के PM और मंत्रियों ने इस योजना की बहुत तारीफ की थी। इस बात का गवाह हूं। 
 
2 फरवरी, 2006 को बंडलापल्ली, आंध्र प्रदेश में सोनिया गांधी जी और डॉ मनमोहन सिंह जी ने MGNREGA की शुरुआत की थी। इस योजना ने ग्रामीण भारत का चेहरा बदला। यह विश्व का सबसे बड़ा ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम बना। इससे पलायन रुका, गावों को अकाल, भूख और शोषण से मुक्ति मिली। इस योजना ने दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और भूमिहीन मज़दूरों को भरोसा दिया कि गरीबी से जंग में सरकार उनके साथ खड़ी है।
 
उन्होंने कहा कि आज भारत में गरीबी से मुक्ति पाई एक पूरी पीढ़ी मौजूद है जो मनरेगा की बदौलत स्कूल पहुंची, पढ़ी-लिखी और सम्मान से जी रही है। इस योजना के असर को देख कर ही इसे राष्ट्रपिता के नाम पर समर्पित किया गया था। पर मोदी सरकार ने बिना किसी अध्ययन या मूल्यांकन के, राज्यों से या राजनीतिक दलों से सलाह मशविरा के बिना इसे खत्म करके नया कानून थोप दिया। सारा काम तीन काले कृषि कानूनों जैसा किया। 
देशव्यापी आंदोलन की जरूरत : खरगे ने कहा कि इस समय देशव्यापी आंदोलन की जरूरत है। इसका पुरजोर विरोध देश के हर कोने में होना चाहिए। क्योंकि इसके पहले जनवरी 2015 में जब मोदी सरकार ने कॉरपोरेट हितों में भूमि अधिग्रहण कानून बदला तो कांग्रेस के लोग सड़कों पर उतरे और सरकार को पीछे हटना पड़ा। फिर जून 2020 में lockdown के बीच मोदी जी ने Ordinance लाकर तीन काले कृषि कानून थोप दिए।
 
उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष के विरोध के बाद भी कानून पास हो गया। इसके विरोध में आंदोलन कर रहे 700 से अधिक किसानों ने शहादत दी। सरकार ने कीलें बिछाईं, पानी की बौछारें चलाईं, उनका दमन किया। हम किसानों के हक में डटे रहे और नवंबर 2021 में प्रधानमंत्री को किसानों से माफ़ी मांगते हुए कानून वापस लेने पड़े। इसी तरह मनरेगा कानून भी सरकार को वापस लेना होगा। 
 
SIR गंभीर चिंता का विषय : खरगे ने कहा कि आज SIR एक गंभीर चिंता का विषय है। यह लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की एक सोची समझी साजिश है। राहुल जी ने बार-बार तथ्यों और उदाहरणों के साथ ‘वोट चोरी’ का प्रमाण देश के सामने रखा है। भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत जगजाहिर है। इसलिए हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारे वोटरों के नाम न काटे जाएं। 
 
उन्होंने कहा कि हमें देखना होगा कि मतदाता सूची से गरीब और कमजोर तबकों के लोगों खास तौर पर दलित, आदिवासी, अति पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के नाम न कटने पायें। न ही उन्हें दूसरे बूथों में ट्रांसफर किया जाए। इसके लिए हमारे BLAs को वोटर लिस्ट लेकर घर-घर जाना होगा।
 
नेशनल हेराल्ड मामले में क्या बोले खरगे : उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों में देश ने देखा है कि किस तरह ED, ITऔर CBI जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। बीजेपी और संघ परिवार नेशनल हेराल्ड के मुद्दे पर हमारे नेताओं की छवि को खराब करने में लगे है। हम न्यायिक लड़ाई लड़ रहे हैं। ‘सत्यमेव जयते’ ये बात राहुल जी हमेशा कहते हैं, हमारी जीत होगी। 
 
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले की निंदा : कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने भाषण में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने पूरे देश को चिंतित किया है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।
edited by : Nrapendra Gupta 

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