Mamata Banerjee News : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को निर्वाचन आयोग द्वारा 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' मनाए जाने को 'दुखद तमाशा' करार देते हुए आयोग पर विपक्ष को कुचलने और भाजपा की ओर से देश के लोकतंत्र की नींव को नष्ट करने का आरोप लगाया। उन्होंने आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया है। ममता ने यह भी कहा, निर्वाचन आयोग तार्किक विसंगति के नाम पर नए-नए बहाने ढूंढ रहा है, ताकि लोगों को परेशान किया जा सके और उन्हें उनके चुनावी अधिकारों से वंचित किया जा सके।
खबरों के अनुसार, रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को निर्वाचन आयोग द्वारा 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' मनाए जाने को 'दुखद तमाशा' करार देते हुए आयोग पर विपक्ष को कुचलने और भाजपा की ओर से देश के लोकतंत्र की नींव को नष्ट करने का आरोप लगाया।
उन्होंने आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया है। ममता ने यह भी कहा, निर्वाचन आयोग तार्किक विसंगति के नाम पर नए-नए बहाने ढूंढ रहा है, ताकि लोगों को परेशान किया जा सके और उन्हें उनके चुनावी अधिकारों से वंचित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मानसिक तनाव और दहशत के कारण अब तक कम से कम 110 लोगों की मौत हो चुकी है। ममता ने कहा कि बुजुर्ग सहित सैकड़ों लोगों को सुनवाई के लिए एसआईआर शिविरों में कतार में खड़ा होना पड़ रहा है और प्रतिदिन पांच-छह घंटे खुले में इंतजार करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे ममता बनर्जी और ममता बंद्योपाध्याय, दोनों नाम से जाना जाता है। उसी तरह चटर्जी और चट्टोपाध्याय एक ही उपनाम हैं। ब्रिटिश शासन के दौरान ठाकुर को टैगोर नाम से भी जाना जाने लगा। उन्होंने कहा कि अगर रवींद्रनाथ टैगोर जीवित होते तो शायद उन्हें भी आज इस स्थिति का सामना करना पड़ता।
Edited By : Chetan Gour