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मौलाना मदनी के बिगड़े बोल, सुप्रीम कोर्ट पर उठाए सवाल, वंदे मातरम पर भी विवादित टिप्पणी

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

भोपाल , शनिवार, 29 नवंबर 2025 (15:38 IST)
Maulana Madanis controversial remarks on Vande Mataram: देश के प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना मदनी ने भोपाल में 'वंदे मातरम' को लेकर एक बहुत ही चौंकाने वाला बयान दिया है, जिस पर विवाद खड़ा होना तय है। उन्होंने कहा कि मुर्दा कौमों के लिए वंदे मातरम बोलने में मुश्किल नहीं होती। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट पर भी सवाल उठाए। दूसरी ओर, भाजपा ने मदनी के 'वंदे मातरम' पर दिए गए बयान और सुप्रीम कोर्ट पर की गई उनकी टिप्पणी को लेकर कड़ी आलोचना की है।
 
भोपाल में जमीयत की राष्ट्रीय प्रबंधक कमेटी के अधिवेशन को संबोधित करते हुए मौलाना मदनी ने वंदे मातरम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मुर्दा कौमों के लिए मुश्किल नहीं होती है, क्योंकि वह तो सरेंडर कर देती हैं। वह कहेंगे 'वंदे मातरम' पढ़ो तो पढ़ना शुरू कर देंगे। यदि जिंदा कौम हैं तो हौसला बुलंद करना पड़ेगा और हालात का मुकाबला करना पड़ेगा। 
 
सुप्रीम कोर्ट पर सवाल : मौलाना मदनी ने मुस्लिमों से जुड़े कई मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की भी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद का फैसला हो या तीन तलाक का, इन फैसलों के बाद ऐसा लग रहा है कि अदालतें सरकार के दबाव में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों के हनन की ऐसी मिसालें सामने आई हैं, जिन्होंने अदालतों के किरदार पर ही  सवालिया निशान लगा दिया है।
 
उन्होंने कहा कि वरशिप एक्ट को नजरअंदाज कर ज्ञानवापी और मथुरा के मुकदमों को कोर्ट में सुनने लायक बताया गया है। मदनी यहीं नहीं रुके। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट पर निशाना साधते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट तब तक ही सुप्रीम कहलाने का हकदार है जब तक कि वह संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करे। यदि वह ऐसा न करे तो फिर वह 'सुप्रीम' कहलाने का हकदार नहीं है।
 
जहां जुल्म, वहां जिहाद : मौलाना ने जिहाद पर बोलते हुए कहा कि जहां जुल्म होगा, वहां जिहाद होगा। जिहाद शब्द का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। मदनी ने कहा कि इस्लाम के दुश्मनों ने जिहाद को हिंसा का हमनाम बना दिया। लव जिहाद, लैंड जिहाद और थूक जिहाद जैसे शब्द मुसलमानों की तौहीन है। इस्लाम में जिहाद मुसलमानों के लिए एक पवित्र कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के पक्ष में देश के सिर्फ 10 प्रतिशत लोग हैं, जबकि 60 फीसदी लोग खामोश हैं। देश के 30 फीसदी लोग मुसलमानों के खिलाफ हैं। 
 
हमने देखा है जिहाद के नाम पर आतंक : दूसरी ओर, भाजपा ने मौलाना मदनी के इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण और राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित बताया है। कुछ बीजेपी नेताओं ने यहां तक मांग की है कि मदनी के इस बयान की जांच होनी चाहिए कि यह आतंकवाद और देशद्रोह से जुड़ा हुआ तो नहीं है। भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा कि मदनी का बयान अनुचित है। जिहाद के नाम पर जो आतंक फैला है, वह हमने देखा है। यह कहना बहुत गैर जिम्मेदाराना है कि भारत में जिहाद होगा। 
Edited by: Vrijendra Singh Jhala  

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