Publish Date: Sun, 22 Feb 2026 (20:56 IST)
Updated Date: Sun, 22 Feb 2026 (21:12 IST)
Meerut becomes new hub of modern connectivity : क्रांतिधरा मेरठ ने इस बार फिर से एक नई इबारत लिख दी है, देश की अत्याधुनिक और हाई स्पीड नमो भारत रैपिड ट्रेन और मेरठ मेट्रो को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाई है। इस अवसर पर उन्होंने इसे विकसित उत्तर प्रदेश तथा विकसित भारत के लिए नई ऊर्जा का स्रोत बताया। यह पहली बार है जब एक ही मंच से, एक ही दिन रैपिड रेल और मेट्रो सेवा दोनों का शुभारंभ किया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परियोजना विकसित भारत में आधुनिक और एकीकृत संपर्क व्यवस्था का बेहतरीन प्रमाण है। इस प्रणाली के माध्यम से शहर के भीतर आवागमन के लिए मेट्रो सेवा और जुड़वां शहरों को जोड़ने के लिए नमो भारत ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। डबल इंजन सरकार की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब परियोजनाएं अधर में नहीं लटकतीं। सरकार जिन परियोजनाओं की नींव रखती है, उन्हें समय पर पूरा भी करती है।
प्रधानमंत्री ने प्रदेश के नागरिकों को दी बधाई
मेरठ मेट्रो में प्रधानमंत्री ने यात्रा करते हुए छात्रों, श्रमिकों, खिलाड़ियों और यात्रियों से संवाद किया। उन्होंने इस परियोजना को नारी-शक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसमें अधिकांश ट्रेन ऑपरेटर और स्टेशन नियंत्रण कर्मचारी महिलाएं हैं। उन्होंने देश की पहली नमो भारत रैपिड रेल सेवा के लिए उत्तर प्रदेश के नागरिकों को बधाई दी।
मेरठ से अपने विशेष जुड़ाव का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014, 2019 और 2024 के उनके लोकसभा चुनाव अभियान इसी क्रांतिकारी भूमि से प्रारंभ हुए थे। उन्होंने क्षेत्र के किसानों, कारीगरों और उद्यमियों का निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में मेट्रो सेवाएं केवल पांच शहरों तक सीमित थीं, जबकि आज 25 से अधिक शहरों में मेट्रो नेटवर्क संचालित हो रहा है और भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन चुका है।
एक ही ट्रैक और स्टेशन से होंगी संचालित
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस परियोजना की एक विशेषता सराय काले खां, आनंद विहार, गाजियाबाद और मेरठ में भारतीय रेलवे, मेट्रो और बस अड्डों का एकीकरण है। पहली बार नमो भारत और मेट्रो रेल एक ही ट्रैक और स्टेशन से संचालित होंगी। इससे यात्रियों को शहर के भीतर आवागमन के साथ-साथ सीधे दिल्ली तक यात्रा करने की सुविधा मिलेगी, जिससे श्रमिकों और छात्रों को दिल्ली में किराए पर रहने की आवश्यकता कम होगी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक अवसंरचना (जैसे एक्सप्रेसवे, माल ढुलाई गलियारे और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा) में किया गया निवेश व्यापक रोजगार के अवसर सृजित कर रहा है तथा नए उद्योगों और व्यवसायों को आकर्षित कर रहा है।
उत्तर प्रदेश को श्रम और सृजन की भूमि बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य के किसान और कारीगर विरासत और विकास के मंत्र को साकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा के कारण विकसित देश भारत की युवा शक्ति का लाभ उठाने हेतु व्यापार समझौतों के लिए उत्सुक हैं। आज विश्व भारत को 21वीं सदी की चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करने में सक्षम शक्ति के रूप में देख रहा है।
केंद्रीय बजट में 10,000 करोड़ रुपए के विशेष कोष का प्रावधान
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र कि खूबियां बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट में 10,000 करोड़ रुपए के विशेष कोष का प्रावधान किया गया है, जिससे एमएसएमई के लिए ऋण प्राप्त करना सरल होगा। बुनकरों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का यह सीधा प्रयास है, उन्होंने कहा कि कूरियर से माल भेजने की 10 लाख रुपएकी सीमा समाप्त कर दी गई है। इससे मेरठ और उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमी ऑनलाइन माध्यम से सीधे अमेरिका और यूरोप के ग्राहकों तक अपने उत्पाद पहुंचा सकेंगे।
चौधरी चरण सिंह की दूरदृष्टि को स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने उन्हें भारत रत्न से सम्मानित कर श्रद्धांजलि दी है। उनकी प्रेरणा से डबल इंजन सरकार खाद्य प्रसंस्करण और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के किसानों को लगभग 95,000 करोड़ रुपए प्रदान किए जा चुके हैं।
प्रदेश ने बनाई नई पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने दंगों और अपराध के दौर से निकलकर ब्रह्मोस, मोबाइल निर्माण और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नई पहचान बनाई है। कानून-व्यवस्था में सुधार से अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
संबोधन के समापन में प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से एक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है और हाल ही में राज्य के पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की नींव रखी गई है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित उत्तर प्रदेश अनिवार्य है।
Edited By : Chetan Gour