Publish Date: Tue, 17 Feb 2026 (19:53 IST)
Updated Date: Tue, 17 Feb 2026 (19:55 IST)
भारत और फ्रांस ने द्विपक्षीय संबंधों को मंगलवार को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के मुकाम तक पहुंचाया और दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने बढ़ते भू-राजनीतिक उथल-पुथल के मद्देनजर रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैकों ने आतंकवाद के खात्मे का भी संकल्प लिया। दोनों नेताओं की मीटिंग ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस दोनों लोकतंत्र, कानून का पालन और ऐसी दुनिया में भरोसा रखते हैं जहां कई ताकतें मिलकर संतुलन बनाए रखें। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का मानना है कि वैश्विक संस्थाओं में सुधार जरूरी है, तभी दुनिया की बड़ी समस्याओं का हल निकल पाएगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन हो, पश्चिम एशिया हो या इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, हर जगह शांति के प्रयासों का भारत और फ्रांस समर्थन करते रहेंगे। दोनों देश हर तरह के आतंकवाद को खत्म करने के लिए भी साथ हैं।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि हम आतंकवाद के खिलाफ भी अपनी लड़ाई जारी रखना चाहते हैं और हम सभी आतंकवादी समूहों को नकारते हैं। 2026 हमारे रिश्तों को और तेज करेगा। आप BRICS की अध्यक्षता कर रहे हैं। फ्रांस G7 की अध्यक्षता कर रहा है। मैंने प्रधानमंत्री मोदी को G7 समिट में आमंत्रित किया है। दोनों नेताओं ने मुंबई में जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
इस दौरान मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर भारत में ऐसे हेलिकॉप्टर का निर्माण करेंगे, जो माउंट एवरेस्ट जैसी ऊंचाइयों तक उड़ान भरेगा। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कर्नाटक के वेमागल में एयरबस एच125 हेलीकॉप्टरों के उत्पादन के लिए कलपुर्जों को जोड़ने संबंधी इकाई का डिजिटल तरीके से उद्घाटन किया। Edited by : Sudhir Sharma