Publish Date: Mon, 01 Jun 2026 (14:09 IST)
Updated Date: Mon, 01 Jun 2026 (14:15 IST)
Weather Update : दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। इससे आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद है। मौसम विभाग ने यूपी, दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पूर्व भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ मौसम बिगड़ने की आशंका है।
IMD ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, दक्षिण-पश्चिम मानसून आधिकारिक तौर पर देश में आगे बढ़ गया है, जिससे व्यापक रूप से वर्षा हो रही है और पूरे भारत में इसके उत्तर की ओर बढ़ने का सफर शुरू हो गया है। लगातार हो रही बारिश, तेज होती पश्चिमी हवाओं और बादलों की अनुकूल स्थिति के आधार पर केरल में मानसून के आगमन की घोषणा की गई थी।
31 मई 2026 तक, मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और आसपास के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ चुकी है। आने वाले दिनों में मानसून के भारत के और अधिक हिस्सों में धीरे-धीरे आगे बढ़ने की उम्मीद है, जिससे आवश्यक बारिश होगी और भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
दिल्ली से राजस्थान तक बारिश के आसार
मौसम विभाग ने दिल्ली एनसीआर में कई स्थानों पर बारिश की चेतावनी दी है। उत्तर प्रदेश के 63 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हवा में नमी की वजह से यूपी के लोगों को गर्मी से राहत मिली है। राजस्थान में कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों में बारिश की वजह से गर्मी का असर कम हुआ है। जयपुर, अजमेर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इंदौर में 18 जून बाद मानसून की दस्तक
बादल और बारिश की वजह से इंदौर समेत पूरे मध्यप्रदेश में प्री मानसून गतिविधियां दिखाई दे रही है। पिछले 2 दिनों से आसमान में छाए बादल की वजह से तापमान में कमी आई है। यहां 18 जून तक मानसून के पहुंचने के आसार है।
क्या है IMD की सलाह?
IMD ने लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों, कच्चे ढांचों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेनें की सलाह दी है। इसके अतिरिक्त, फसलों को ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए किसानों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। मंडियों में रखे अनाज और खुले में कटी हुई फसलों को तिरपाल से सुरक्षित ढकने का निर्देश दिया गया है ताकि उन्हें भीगने से बचाया जा सके।
edited by : Nrapendra Gupta
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